कंडो के साथ ही
तुमने मेरा प्रेम भी थापा,
उसे गोबर की तरह ढोया सिर पर,
घर से दूर ले जाकर,
खलिहान के किसी कोने में,
प्यार से, दुलार से,
पूचकार कर, आकार दिया,
धूप में सुखाया,
बारिश से बचाया बार बार पलटाया,
मैं और कंडे_ लायक बने,
तुम्हारे लिए जलने को_
कंडो के साथ ही
तुमने मेरा प्रेम भी थापा,
उसे गोबर की तरह ढोया सिर पर,
घर से दूर ले जाकर,
खलिहान के किसी कोने में,
प्यार से, दुलार से,
पूचकार कर, आकार दिया,
धूप में सुखाया,
बारिश से बचाया बार बार पलटाया,
मैं और कंडे_ लायक बने,
तुम्हारे लिए जलने को_
Nahi pta kinjh izhaar tenu kara mein
Menu nahi pta dil da haal kive kehna e..!!
Kive tenu bhull ke azad mein hona e
Nahi pta menu tere bina kinjh rehna e..!!
ਨਹੀਂ ਪਤਾ ਕਿੰਝ ਇਜ਼ਹਾਰ ਤੈਨੂੰ ਕਰਾਂ ਮੈਂ
ਮੈਨੂੰ ਨਹੀਂ ਪਤਾ ਦਿਲ ਦਾ ਹਾਲ ਕਿਵੇਂ ਕਹਿਣਾ ਏ..!!
ਕਿਵੇਂ ਤੈਨੂੰ ਭੁੱਲ ਕੇ ਆਜ਼ਾਦ ਮੈਂ ਹੋਣਾ ਏ
ਨਹੀਂ ਪਤਾ ਮੈਨੂੰ ਤੇਰੇ ਬਿਨਾਂ ਕਿੰਝ ਰਹਿਣਾ ਏ..!!
Lehje mai teri yeh baat hai…
Jaise koi suhani barsat hai…
Tere tarike ke kayal hai sada…
Yeh kya haseen ehsas hai…❤️
लहजे में तेरी यह बात है…
जैसे कोई सुहानी बरसात है…
तेरे तरीके के कायल है सदा
यह क्या हसीन एहसास है…❤️