कंडो के साथ ही
तुमने मेरा प्रेम भी थापा,
उसे गोबर की तरह ढोया सिर पर,
घर से दूर ले जाकर,
खलिहान के किसी कोने में,
प्यार से, दुलार से,
पूचकार कर, आकार दिया,
धूप में सुखाया,
बारिश से बचाया बार बार पलटाया,
मैं और कंडे_ लायक बने,
तुम्हारे लिए जलने को_
कंडो के साथ ही
तुमने मेरा प्रेम भी थापा,
उसे गोबर की तरह ढोया सिर पर,
घर से दूर ले जाकर,
खलिहान के किसी कोने में,
प्यार से, दुलार से,
पूचकार कर, आकार दिया,
धूप में सुखाया,
बारिश से बचाया बार बार पलटाया,
मैं और कंडे_ लायक बने,
तुम्हारे लिए जलने को_
वो खुशियों की डगर, वो राहों में हमसफ़र,
वो साथी था जाना पहचाना,
दिल हैं उसकी यादों का दीवाना
वो साथ था जाना पहचाना
गम तो कई उसने भी देखे,
पर राहों में चले खुशियों को लेके
दिल चाहता हैं हर दम हम साथ चलें,
पर इस राह में कई काले बादल हैं घने
वो साथ था जाना पहचाना
मेरे आसुओं को था जिसने थामा,
मुझसे ज्यादा मुझको पहचाना
चारों तरफ था घनघोर अँधियारा,
बनकर आया था जीवन में उजियारा
वो साथ था जाना पहचाना
गिन-गिन कर तारे भी गिन जाऊ,
पर उसकी यादों को भुला ना पाऊ
कहता था अक्सर हर दिन हैं मस्ताना,
हर राह में खुशियों का तराना
वो साथ था जाना पहचाना
कहता हैं मुझे भूल जाना,
अपनी यादों में ना बसाना
देना चाहूँ हर ख़ुशी उसे,
इसीलिए, मिटाना चाहूँ दिल से
वो साथ था जाना पहचाना
तरुण चौधरी

Ik kudi jihne kade layia c mere dil vich dera
umraan beet chaliyaa, chhayia e aakhiyaan aage hanera
na laiyaa uhne kde phera, shehar v pharoliyaa
par miliyaa ni mainu oh chehraa