कंडो के साथ ही
तुमने मेरा प्रेम भी थापा,
उसे गोबर की तरह ढोया सिर पर,
घर से दूर ले जाकर,
खलिहान के किसी कोने में,
प्यार से, दुलार से,
पूचकार कर, आकार दिया,
धूप में सुखाया,
बारिश से बचाया बार बार पलटाया,
मैं और कंडे_ लायक बने,
तुम्हारे लिए जलने को_
कंडो के साथ ही
तुमने मेरा प्रेम भी थापा,
उसे गोबर की तरह ढोया सिर पर,
घर से दूर ले जाकर,
खलिहान के किसी कोने में,
प्यार से, दुलार से,
पूचकार कर, आकार दिया,
धूप में सुखाया,
बारिश से बचाया बार बार पलटाया,
मैं और कंडे_ लायक बने,
तुम्हारे लिए जलने को_
गरीबी भी देखी है अमीरी भी देखी है,
फटे थे कपड़े जब वो फकीरी भी देखी है...
हाथों में रोटी थी कटोरे में सिक्के थे,
अनजान चेहरों की बहुत हाज़िरी भी देखी है,
उम्दा सियासत में गुनहगारों की वजीरी भी देखी है...
इंसानियत दम तोड रही थी बंजर दरिया में
वो ढलती शाम मैने आखिरी देखी है...
Tenu sochde hi din shuru hunda e mera
Tenu sochde hi raat hun hon laggi e..!!
Mera dil nahio lagda bin tere sajjna
Doori pyar ch menu eh staun laggi e..!!
ਤੈਨੂੰ ਸੋਚਦੇ ਹੀ ਦਿਨ ਸ਼ੁਰੂ ਹੁੰਦਾ ਏ ਮੇਰਾ
ਤੈਨੂੰ ਸੋਚਦੇ ਹੀ ਰਾਤ ਹੁਣ ਹੋਣ ਲੱਗੀ ਏ..!!
ਮੇਰਾ ਦਿਲ ਨਹੀਂਓ ਲਗਦਾ ਬਿਨ ਤੇਰੇ ਸੱਜਣਾ
ਦੂਰੀ ਪਿਆਰ ‘ਚ ਮੈਨੂੰ ਇਹ ਸਤਾਉਣ ਲੱਗੀ ਏ..!!