Ek akhar vich likhna chaheya jad mein rab da na
Lod payi na sochan di fir likh dita mein maa…❤️❤️
ਇੱਕ ਅੱਖਰ ਵਿੱਚ ਲਿਖਣਾ ਚਾਹਿਆ ਜਦ ਮੈ ਰੱਬ ਦਾ ਨਾਂ
ਲੋੜ ਪਈ ਨਾ ਸੋਚਣ ਦੀ ਫਿਰ ਲਿਖ ਦਿੱਤਾ ਮੈ ਮਾਂ….♥️♥️
Ek akhar vich likhna chaheya jad mein rab da na
Lod payi na sochan di fir likh dita mein maa…❤️❤️
ਇੱਕ ਅੱਖਰ ਵਿੱਚ ਲਿਖਣਾ ਚਾਹਿਆ ਜਦ ਮੈ ਰੱਬ ਦਾ ਨਾਂ
ਲੋੜ ਪਈ ਨਾ ਸੋਚਣ ਦੀ ਫਿਰ ਲਿਖ ਦਿੱਤਾ ਮੈ ਮਾਂ….♥️♥️
माना मुझे अब जरूरत नहीं तेरी , पर जिंदगी में एक मलाल तो है ।
कबूलनामा भी दे चुके महफिलों में पर , लोगों की निगाहों में कुछ सवाल तो है ।।
सपनों सा लगता एक ख्वाब तो है , मेरा हर अंदाज़ लाजवाब तो है ।
चाहता नहीं मेरी कलम से कोई बेइज्जत हो जाए , वरना मेरे पास भी कुछ लोगों का हिसाब तो है ।।
हाँ मोहब्बत भूल थी मेरी , आज बेबाकी से एक गुनाह कुबूल करता हूँ ।
कुछ काले किस्से हैं बीते हुए लम्हें , अब हर किस्से को मशहूर करता हूँ ।।
जिद्दी है मेरा दिल बड़ा , इसे आज मैं ज़रा मजबूर करता हूँ ।
बहुत हो चुकी मोहब्बत में नाफरमानी , सिर आँखों पर अपना गुरूर करता हूँ ।।
यह तेरा दिल ह या
कोई सवाल
मुझे अच्छा लगता ह
उसे ज्यादा चुबता ह
भाई प्यार से होना वो अलग ही दिखता ह