Ek akhar vich likhna chaheya jad mein rab da na
Lod payi na sochan di fir likh dita mein maa…❤️❤️
ਇੱਕ ਅੱਖਰ ਵਿੱਚ ਲਿਖਣਾ ਚਾਹਿਆ ਜਦ ਮੈ ਰੱਬ ਦਾ ਨਾਂ
ਲੋੜ ਪਈ ਨਾ ਸੋਚਣ ਦੀ ਫਿਰ ਲਿਖ ਦਿੱਤਾ ਮੈ ਮਾਂ….♥️♥️
Ek akhar vich likhna chaheya jad mein rab da na
Lod payi na sochan di fir likh dita mein maa…❤️❤️
ਇੱਕ ਅੱਖਰ ਵਿੱਚ ਲਿਖਣਾ ਚਾਹਿਆ ਜਦ ਮੈ ਰੱਬ ਦਾ ਨਾਂ
ਲੋੜ ਪਈ ਨਾ ਸੋਚਣ ਦੀ ਫਿਰ ਲਿਖ ਦਿੱਤਾ ਮੈ ਮਾਂ….♥️♥️
आँखों पर तेरी निगाहों ने दस्तख़त क्या किए,
हमने साँसों की वसीयत तुम्हारे नाम कर दी!
कुछ बेगाने है, इसलिए चुप हैं,
कुछ चुप है, इसलिए बेगाने है.!
जिंदगी किसी के लिए नही बदलती,
बस जीने की वजह बदल जाती हैं.!
ज़िन्दगी की हर शाम हसीन हो जाए,
अगर मेरी मोहब्बत मुझे नसीब हो जाये!
वो खुशियों की डगर, वो राहों में हमसफ़र,
वो साथी था जाना पहचाना,
दिल हैं उसकी यादों का दीवाना
वो साथ था जाना पहचाना
गम तो कई उसने भी देखे,
पर राहों में चले खुशियों को लेके
दिल चाहता हैं हर दम हम साथ चलें,
पर इस राह में कई काले बादल हैं घने
वो साथ था जाना पहचाना
मेरे आसुओं को था जिसने थामा,
मुझसे ज्यादा मुझको पहचाना
चारों तरफ था घनघोर अँधियारा,
बनकर आया था जीवन में उजियारा
वो साथ था जाना पहचाना
गिन-गिन कर तारे भी गिन जाऊ,
पर उसकी यादों को भुला ना पाऊ
कहता था अक्सर हर दिन हैं मस्ताना,
हर राह में खुशियों का तराना
वो साथ था जाना पहचाना
कहता हैं मुझे भूल जाना,
अपनी यादों में ना बसाना
देना चाहूँ हर ख़ुशी उसे,
इसीलिए, मिटाना चाहूँ दिल से
वो साथ था जाना पहचाना
तरुण चौधरी