Likhan waaleyaa ho ke dyaal likh de
ik likhi na maa baap da vichhodha
Hor Bhawe dukh hazaar likh de
ਲਿਖਣ ਵਾਲਿਆ ਹੋ ਕੇ ਦਿਆਲ ਲਿਖ ਦੇ
ਮੇਰੇ ਕਰਮਾਂ ਚ ਮੇਰੇ ਮਾਾਂ ਬਾਪ ਦਾ ਪਿਆਰ ਲਿਖ ਦੇ
ਇੱਕ ਲਿਖੀ ਨਾ ਮਾਂ ਬਾਪ ਦਾ ਵਿਛੋੜਾ
ਹੋਰ ਭਾਵੇ ਦੁੱਖ ਹਜ਼ਾਰ ਲਿਖ ਦੇ
Likhan waaleyaa ho ke dyaal likh de
ik likhi na maa baap da vichhodha
Hor Bhawe dukh hazaar likh de
ਲਿਖਣ ਵਾਲਿਆ ਹੋ ਕੇ ਦਿਆਲ ਲਿਖ ਦੇ
ਮੇਰੇ ਕਰਮਾਂ ਚ ਮੇਰੇ ਮਾਾਂ ਬਾਪ ਦਾ ਪਿਆਰ ਲਿਖ ਦੇ
ਇੱਕ ਲਿਖੀ ਨਾ ਮਾਂ ਬਾਪ ਦਾ ਵਿਛੋੜਾ
ਹੋਰ ਭਾਵੇ ਦੁੱਖ ਹਜ਼ਾਰ ਲਿਖ ਦੇ
मैंने मेरे मन में
एक भरोसा पाला
उसे कभी क़ैद नहीं किया
वह जब-जब उड़ा फिर लौट आया
चिड़िया जैसे नन्हे पंख उगे
धरती के गुरुत्व के विरुद्ध पहली उड़ान
पहला लक्षण था आज़ादी की चाहना का
भरोसे के भीतर एक और भरोसा जन्मा
और ये सिलसिला चलता रहा
अब इनकी संख्या इतनी है
कि निराश होने के लिए
मुझे अपने हर भरोसे के पंख मरोड़कर
उन्हें अपाहिज बनाना होगा!
करना होगा क़ैद
जो मैं कर नहीं पाऊँगी
हैरानी! मैं ऐसा सोच भी पाई
अपनी इस सोच पर बीती रात घंटों सोचा
ख़ुद पर लानतें फेंकीं
कोसा ख़ुद को
मन ग्लानि से भर उठा
आँखों के कोने भीगते गए
और फिर इकठ्ठा किया अपना सारा प्यार
उनके पंखों को सहलाया
हर एक भरोसे को पुचकारा
उनके सतरंगे पंखों को
आज़ादी के एहसास से भरते देखा
सुबह तक वे एक लंबी उड़ान पर निकल चुके थे
उनकी अनुपस्थिति में
मैं निराश!
पर जान पा रही थी कि शाम तक वे लौट आएँगे
यह वह भरोसा है
जिसके पंख अभी उगने बाक़ी हैं
जो अभी ही है जन्मा!
तुझे प्यार है हमसे ये जानते हैं हम
बयान न कर पाओगे ये भी मानते हैं हम
आंखें आपकी सभ बयान कर देती है हज़ूर
आँखों से की बातें खूब पहचानते हैं हम
सुनो अब तुम हाल हमारे दिल का
ये दिल भी तेरे ख्यालों में ही खोने लगा है
तुझे भी है पर फ़िर भी मुझे ज्यादा है
प्यार से भी ज्यादा प्यार तुझसे होने लगा है
प्यार हमें भी बेशुमार है..प्यार तुम्हें भी शिद्दत से है
फर्क सिर्फ इतना है
तुझे आज अभी अभी हुआ हमसे
हमें हुआ तुझसे कई मुद्दत से है
Shayar oggy