Motra da pani peeta
filtraa da peeta ni
koteyaa te kaara da
maan kade kita ni
ਮੋਟਰਾਂ ਦਾ ਪਾਣੀ ਪੀਤਾ
ਫਿਲਟਰਾ ਦਾ ਪੀਤਾ ਨੀ
ਕੋਠਿਆਂ ਤੇ ਕਾਰਾਂ ਦਾ
ਮਾਨ ਕਦੇ ਕੀਤਾ ਨੀ।
Motra da pani peeta
filtraa da peeta ni
koteyaa te kaara da
maan kade kita ni
ਮੋਟਰਾਂ ਦਾ ਪਾਣੀ ਪੀਤਾ
ਫਿਲਟਰਾ ਦਾ ਪੀਤਾ ਨੀ
ਕੋਠਿਆਂ ਤੇ ਕਾਰਾਂ ਦਾ
ਮਾਨ ਕਦੇ ਕੀਤਾ ਨੀ।
kujh ku aapne
rishteaa diyaa gehraayiaa maapde aa
saabi bhes badal badal ke
ਕੁਝ ਕੁ ਅਾਪਣੇ ..
ਰਿਸ਼ਤਿਅਾ ਦੀਅਾ ਗਹਿਰਾਈਅਾ ਮਾਪ ਦੇ ਅਾ ..
“ਸਾਬੀ” ਭੇਸ ਬਦਲ ਬਦਲ ਕੇ ..
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ये साफ सफाई की बात नहीं, कोरोना ने लिखी खत।
इधर उधर थुकना मत।
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गंगा की गोद में चलती है नाव, मृत शरीर भी।
समय का गोद में खिलती है सभ्यता और जंगली जानवर का अँधा बिस्वास भी।
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बचपन मासूम कली।
फल बनना और बड़ा होना- काला दाग में अशुद्ध कलि।
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कीचड़ में भी कमल खिलता है।
अच्छे घर में भी बिगड़ा हुआ बच्चा पैदा होते है।
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इंसान का अकाल नहीं, इंसानियत की अकाल है।
डॉक्टर (सेवा) के अकाल नहीं, वैक्सीन (व्यवस्था) का अकाल है।
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कुत्ते समझते है के कौन इंसान और कौन जानवर है।
बो इंसान को देख के पूंछ हिलाते है और जानवर को देख के भूँकते है।
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जीविका से प्यारा है जिंदगी।
अगर साँस बंद है तो कैसे समझेंगे रोटी की कमी।