Maarru jhakhrran vich palyaa main
pide va-vrole vekh ni ghabraunda
beshak hun tahniyo tuttiyaa main
vekhi eddi chheti ni murjaunda
ਮਾੜੂ ਝਖੜਾਂ ਵਿਚ ਪਲਿਆ ਮੈਂ
ਪਿੱਦੇ ਵਾ-ਵਰੋਲੇ ਵੇਖ ਨੀ ਘਬਰਾਉਂਦਾ
ਬੇਸ਼ੱਕ ਹੁਣ ਟਾਹਣੀਓ ਟੁੱਟਿਆਂ ਮੈਂ
ਵੇਖੀਂ ਏਡੀ ਛੇਤੀ ਨੀ ਮੁਰਝਾਉਂਦਾ
Maarru jhakhrran vich palyaa main
pide va-vrole vekh ni ghabraunda
beshak hun tahniyo tuttiyaa main
vekhi eddi chheti ni murjaunda
ਮਾੜੂ ਝਖੜਾਂ ਵਿਚ ਪਲਿਆ ਮੈਂ
ਪਿੱਦੇ ਵਾ-ਵਰੋਲੇ ਵੇਖ ਨੀ ਘਬਰਾਉਂਦਾ
ਬੇਸ਼ੱਕ ਹੁਣ ਟਾਹਣੀਓ ਟੁੱਟਿਆਂ ਮੈਂ
ਵੇਖੀਂ ਏਡੀ ਛੇਤੀ ਨੀ ਮੁਰਝਾਉਂਦਾ
मांगने से पहले खुद को पूछो, क्या तुम रख पाओ गे।
चलने से पहले खुद को पूछो, कितना दूर जा पाओ गे।
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मन जिनके नियंत्रण में है, वो राजा से भी अमीर होते ।
जो अपने मन को नियंत्रण नहीं कर पाते, वो भिखारी से भी गरीब होते ।
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जो तुम्हे आता है, वो सीखो सही।
दूसरे को दूसरा कुछ आयेगा, लेकिन तुम रहना तुममे ही।
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बारिश निकलती है आँसू की तरह।
आसमान हल्का होता है, अंतरात्मा भी, महसूस करो जरा।
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दिमाग जिनके हाथ में है, उनके कोई हथियार नहीं चाहिए।
क्यूंकि वो सही समय पर दिमाग लगा पाते, उलटी सीधी बिना बताये।
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किसके अंदर क्या है, वो भगवान को भी नहीं पाता।
समय पर निकलता है वो, महाकाल बैठ के सुनता।
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मैं अपने स्थान पर सही।
कौन मुझसे आगे है और कौन पीछे, मुझे पाता नहीं।
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कौन कहां पर रहता है, मुझे कैसे पाता।
मैं तो अपने में खुश, आज़ादी इसे कहता।
