Nhi aata hai koi kaam me, madad dene ko
Har koi aa jaata hai nakami ka laqab dene ko💯
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Har koi aa jaata hai nakami ka laqab dene ko💯
देशभक्ति कविताएं
1.
हिन्दुस्थान
मुल्क है अपना।
विश्व दरबार में
वो एक सपना।
आसमान में उड़ती
मन की आशा।
लहरों में मचलती
दिल की परिभाषा।
वायु में घूमती
आज़ादी की साँस।
मिटटी में रहती
बलिदान की अहसास।
मेरा देशवासियों
अपना भाई और बहन की समान।
एक आंख में हिन्दू,
दूसरे में मुस्लमान।
प्यार का बंधन
आंधी में भी न टूटा।
हम सब एक है,
फर्क झूठा।
2.
केदार देख के
लगता है
जीते रहु तूफान में
अंतिम समय तक।
गंगा देख के
लगता है
बहते रहु बंधन में
अंतिम साँस तक।
खेत की हरियाली देख के
लगता है
युवा रहु उम्र में
अंतिम यात्रा तक।
थार देख के
लगता है
उड़ते रहु आंधी में
अंतिम कड़ी तक।
हिन्द महासागर देख के
लगता है
घूमते रहु घूर्णी में
अंतिम सूर्यास्त तक।
भारत माता को देख के
लगता है
खिलते रहु उनकी गोद में
अंतिम संस्कार तक।
Roj di zindagani vich jhooth aam ho gya
do bol ne ajehe jinnu kehke lagge sukoon mil gya
chal koi na hunda te baaki chal shukar e rab da
adhiyaa ne baata hun kehdhi ton me parda chaka
ਰੋਜ਼ ਦੀ ਜ਼ਿੰਦਗਾਨੀ ਵਿੱਚ ਝੂੱਠ ਆਮ ਹੋ ਗਿਆ,
ਦੋ ਬੋਲ ਨੇ ਅਜਿਹੇ ਜਿਨੂੰ ਕਹਿਕੇ ਲੱਗੇ ਸੁਕੂਨ ਮਿਲ ਗਿਆ।
ਚੱਲ ਕੋਈ ਨਾ ਹੁੰਦਾ ਤੇ ਬਾਕੀ ਚੱਲ ਸ਼ੁੱਕਰ ਏ ਰੱਬ ਦਾ,
ਬੜੀਆਂ ਨੇ ਬਾਤਾਂ ਹੁਣ ਕਿਹੜੀ ਤੋਂ ਮੈਂ ਪਰਦਾ ਚੱਕਾ।
✍️ ਸੁਦੀਪ ਮਹਿਤਾ