
जहां इश्क का एक बेकसूर मुलाजिम सफ़्फा़क हों गया
कौन जाने किस मर्ज से गुज़रा है वोह
जिसका मेहबूब किसी रकी़ब कि मोहब्बत का मोहताज हो गया

Dhoond raha hu fir use,
Kahi to koi uska zikr kare ❤️
Fir mujhe uska khayal aaye
Dil fir uski fikr kare…😍
ढूंढ रहा हूं फिर उसे,
कहीं तो कोई उसका ज़िक्र करे,❤️
फिर मुझे उसका खयाल आए,
दिल फिर उसकी फिक्र करें…😍
Kabhi zindagi mein dukh mile to ghabrana matt,
Kyunki rab dukh dega to himmat bhi dega dukh se ladne ki 🤗
कभी जिंदगी में दुःख मिले तो घबराना मत ,
क्योंकि रब दुःख देगा तो हिम्मत भी देगा दुःख से लडने की 🤗