Tan maila tan dhul jauga
man maila tan dhula sauka nai
ਤਨ ਮੈਲਾ ਤਾਂ ਧੁਲ ਜਾਉਗਾ
ਮਨ ਮੈਲਾ ਤਾਂ ਧੁਲਨਾ ਸੌਖਾ ਨਈ
Tan maila tan dhul jauga
man maila tan dhula sauka nai
ਤਨ ਮੈਲਾ ਤਾਂ ਧੁਲ ਜਾਉਗਾ
ਮਨ ਮੈਲਾ ਤਾਂ ਧੁਲਨਾ ਸੌਖਾ ਨਈ
माथे पे तिलक लगाकर कूद पड़े थे अंग़ारो पे,
माटी की लाज के लिए उनके शीश थे तलवारों पे।
भगत सिंह की दहाड़ के मतवाले वो निर्भर नहीं थे किन्ही हथियारों पे,
अरे जब देशहित की बात आए तो कभी शक ना करो सरदारों पे॥
आज़ादी की थी ऐसी लालसा की चट्टानों से भी टकरा गये,
चंद आज़ादी के रणबाँकुरो के आगे लाखों अंग्रेज मुँह की खा गये।
विद्रोह की हुंकार से गोरों पे मानो मौत के बादल छा गये,
अरे ये वही भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव है जिनकी बदौलत हम आज़ादी पा गये॥
आज़ादी मिली पर इंक़लाब की आग में अपने सब सुख-दुःख वो भूल गये,
जननी से बड़ी माँ धरती जिसकी ख़ातिर भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु झूल गये॥
अब राह तक रही उस माँ को कौन जाके समझाएगा,
कैसे बोलेगा उसको की माँ अब तेरा लाल कभी नहीं आएगा।
बस इतना कहूँगा कि धन्य हो जाएगा वो आँचल जो भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु सा बेटा पाएगा,
क्योंकि इस माटी का हर कण और बच्चा-बच्चा उसे अपने दिल में बसाएगा॥
Khaure aawega oh udo saah mukkne ne jadon
Dila mereya utarde udeekan da bojh..!!
Kade sahwein na oh aawe meri akhiyan nu bhawein
Ohde aun de supne aayi jande ne roj..!!
ਖੌਰੇ ਆਵੇਂਗਾ ਉਹ ਉਦੋਂ ਸਾਹ ਮੁੱਕਣੇ ਨੇ ਜਦੋਂ
ਦਿਲਾ ਮੇਰਿਆ ਉਤਾਰਦੇ ਉਡੀਕਾਂ ਦਾ ਬੋਝ..!!
ਕਦੇ ਸਾਹਵੇਂ ਨਾ ਉਹ ਆਵੇ ਮੇਰੀ ਅੱਖੀਆਂ ਨੂੰ ਭਾਵੇਂ
ਓਹਦੇ ਆਉਣ ਦੇ ਸੁਪਨੇ ਆਈ ਜਾਂਦੇ ਨੇ ਰੋਜ..!!