Main jee k vi mar chukeya
Main jitt k v har chukeya
Bade Dunge ne eh raaz
Main dafan kar chukey
Main jee k vi mar chukeya
Main jitt k v har chukeya
Bade Dunge ne eh raaz
Main dafan kar chukey
नफ़रत का भाव ज्यों ज्यों खोता चला गया, मैं रफ्ता रफ्ता आदमी होता चला गया। फिर हो गया प्यार की गंगा से तर बतर, गुजरा जिधर से सबको भिगोता चला गया। सोचा हमेशा मुझसे किसी का बुरा न हो, नेकी हुई तो दरिया में डुबोता चला गया। कटुता की सुई लेके खड़े थे जो मेरे मीत, सद्भावना के फूल पिरोता चला गया। जितना सुना था उतना जमाना बुरा नहीं, विश्वास अपने आप पर होता चला गया। अपने से ही बनती है बिगड़ती है ये दुनियां, मैं अपने मन के मैल को धोता चला गया। उपजाऊ दिल है बेहद मेरे शहर के लोग, हर दिल में बीज प्यार का बोता चला गया।...
Yaara yaari da maan rakhi,
Dimaag vich nahi par dil vich pehchaan rakhi,
Mein vi manga ek dua rab ton,
Mere sohne dost nu har dukh to anjan rakhi..🙏😎
ਯਾਰਾ ਯਾਰੀ ਦਾ ਮਾਨ ਰੱਖੀਂ,
ਦਿਮਾਗ ਵਿਚ ਨਹੀ ਪਰ ਦਿਲ ਵਿਚ ਪਹਿਚਾਨ ਰੱਖੀਂ,
ਮੈਂ ਵੀ ਮੰਗਾ ਇੱਕ ਦੁਆ ਰੱਬ ਤੋ,
ਮੇਰੇ ਸੋਹਣੇ ਦੋਸਤ ਨੂੰ ਹਰ ਦੁਖ ਤੋਂ ਅੰਜਾਨ ਰੱਖੀਂ॥🙏😎