Mainu likhna tu sikha gya,
Jazbaat bhi chouli paagya,
Deke zakham mainu tu ishqaan de,
Bewafa da naam kmaa gya…!!
Mainu likhna tu sikha gya,
Jazbaat bhi chouli paagya,
Deke zakham mainu tu ishqaan de,
Bewafa da naam kmaa gya…!!
Bhuti lod nhi dilaseyan di rehan de o yara
Seh lawange ishq ch mili hoyi haar nu..!!
Le mann leya k tenu koi chahat nhi sadi
Asi sambhalange apne ikk tarfe pyar nu..!!
ਬਹੁਤ ਲੋੜ ਨਹੀਂ ਦਿਲਾਸਿਆਂ ਦੀ ਰਹਿਣ ਦੇ ਓ ਯਾਰਾ
ਸਹਿ ਲਵਾਂਗੇ ਇਸ਼ਕ ‘ਚ ਮਿਲੀ ਹੋਈ ਹਾਰ ਨੂੰ..!!
ਲੈ ਮੰਨ ਲਿਆ ਕਿ ਤੈਨੂੰ ਕੋਈ ਚਾਹਤ ਨਹੀਂ ਸਾਡੀ
ਅਸੀਂ ਸਾਂਭਲਾਂਗੇ ਆਪਣੇ ਇੱਕ ਤਰਫ਼ੇ ਪਿਆਰ ਨੂੰ..!!
ये किसने जेल में लाया खाना हाय अल्लाह,
मुजरिम का भी है कोई दीवाना हाय अल्लाह।
ये मज्मा भी मेरे रोने पे बजाता है ताली,
किसको सुनाएं अपना अफ़साना हाय अल्लाह।
अब क्या कि जुर्म किसने की है क़ुसुर है किसका,
अब तो लगा है मुझपर जुर्माना हाय अल्लाह।
मेरी नज़र क्या उस पे है सबकी नज़र मुझ पे है,
पूरा शहर है उसका दीवाना हाय अल्लाह।
वो मुझसे मिलता है रोज़ाना मगर नतीजा ये,
देखो तो लगता है वो बेगाना हाय अल्लाह।
जब भी किसी ने पूछा है धोखा कब मिला फिर तो,
बचपन का याद आए याराना हाय अल्लाह।
शिकवा नहीं है उससे बस दुख ‘अमीम’ इतना है,
क्यों मेरा लौट आया नज़राना हाय अल्लाह