Mainu maaf kari, tainu pyaar kar baithan
mainu maaf kari, tere raah vich gaar ban baitha
ਮੈਨੂੰ ਮਾਫ ਕਰੀਂ, ਤੈਨੂੰ ਪਿਆਰ ਕਰ ਬੈਠਾ
ਮੈਨੂੰ ਮਾਫ ਕਰੀਂ, ਤੇਰੇ ਰਾਹ ਵਿੱਚ ਗਾਰ ਬਣ ਬੈਠਾ
Mainu maaf kari, tainu pyaar kar baithan
mainu maaf kari, tere raah vich gaar ban baitha
ਮੈਨੂੰ ਮਾਫ ਕਰੀਂ, ਤੈਨੂੰ ਪਿਆਰ ਕਰ ਬੈਠਾ
ਮੈਨੂੰ ਮਾਫ ਕਰੀਂ, ਤੇਰੇ ਰਾਹ ਵਿੱਚ ਗਾਰ ਬਣ ਬੈਠਾ
me raunda reha
te oh hasdi rahi
bewafa mainu
oh dasdi rahi
ਮੈਂ ਰੌਂਦਾ ਰਿਹਾ
ਤੇ ਉਹ ਹੱਸਦੀ ਰਹੀ।
ਬੇਵਫ਼ਾ ਮੈਨੂੰ
ਉਹ ਦੱਸਦੀ ਰਹੀ।
देशभक्ति कविताएं
1.
हिन्दुस्थान
मुल्क है अपना।
विश्व दरबार में
वो एक सपना।
आसमान में उड़ती
मन की आशा।
लहरों में मचलती
दिल की परिभाषा।
वायु में घूमती
आज़ादी की साँस।
मिटटी में रहती
बलिदान की अहसास।
मेरा देशवासियों
अपना भाई और बहन की समान।
एक आंख में हिन्दू,
दूसरे में मुस्लमान।
प्यार का बंधन
आंधी में भी न टूटा।
हम सब एक है,
फर्क झूठा।
2.
केदार देख के
लगता है
जीते रहु तूफान में
अंतिम समय तक।
गंगा देख के
लगता है
बहते रहु बंधन में
अंतिम साँस तक।
खेत की हरियाली देख के
लगता है
युवा रहु उम्र में
अंतिम यात्रा तक।
थार देख के
लगता है
उड़ते रहु आंधी में
अंतिम कड़ी तक।
हिन्द महासागर देख के
लगता है
घूमते रहु घूर्णी में
अंतिम सूर्यास्त तक।
भारत माता को देख के
लगता है
खिलते रहु उनकी गोद में
अंतिम संस्कार तक।