majabooriya thee unakee… aur juda ham hue,
tab bhee kahate hai vo… ki bevafa ham hue…
मजबूरिया थी उनकी… और जुदा हम हुए,
तब भी कहते है वो… कि बेवफ़ा हम हुए…
majabooriya thee unakee… aur juda ham hue,
tab bhee kahate hai vo… ki bevafa ham hue…
मजबूरिया थी उनकी… और जुदा हम हुए,
तब भी कहते है वो… कि बेवफ़ा हम हुए…
Mujhe apne dil se juda karte karte,
Vo roya bhut ye faisla karte karte🙌
Mulakaat ka koi rasta nikalo,
Zuban thak gyi hai dua karte karte🙏
मुझे अपने दिल से जुदा करते करते,
वो रोया बहुत ये फैसला करते करते 🙌
मुलाकात का कोई रस्ता निकालो,
जुबां थक गई है दुआ करते करते!🙏
बादशाह अकबर की यह आदत थी कि वह अपने दरबारियों से तरह-तरह के प्रश्न किया करते थे। एक दिन बादशाह ने दरबारियों से प्रश्न किया, “अगर सबकी दाढी में आग लग जाए, जिसमें मैं भी शामिल हूं तो पहले आप किसकी दाढी की आग बुझायेंगे?”
“हुजूर की दाढी की” सभी सभासद एक साथ बोल पड़े।
मगर बीरबल ने कहा – “हुजूर, सबसे पहले मैं अपनी दाढी की आग बुझाऊंगा, फिर किसी और की दाढी की ओर देखूंगा।”
बीरबल के उत्तर से बादशाह बहुत खुश हुए और बोले- “मुझे खुश करने के उद्देश्य से आप सब लोग झूठ बोल रहे थे। सच बात तो यह है कि हर आदमी पहले अपने बारे में सोचता है।”