Manzil ki talash me niklo to sahi, raste khud mil jate hai,
Kabi akela na samjna khud ko tu Shakir, Viran rasto me hi koi khaas miljate hai.
Manzil ki talash me niklo to sahi, raste khud mil jate hai,
Kabi akela na samjna khud ko tu Shakir, Viran rasto me hi koi khaas miljate hai.
Hou tenu Eddi vi gall nhi
Jad teri khatir nilam hoyea sa
Mashoor hunda c aulakh, hun nhi reha
Tere karke badnaam hoyea sa💔
ਹੋਊ ਤੈਨੂੰ , ਏਡੀ ਵੀ ਗੱਲ ਨੀ
ਜਦ ਤੇਰੀ ਖ਼ਾਤਰ ਨਿਲਾਮ ਹੋਇਆਂ ਸਾਂ
ਮਸ਼ਹੂਰ ਹੁੰਦਾ ਸੀ ਔਲਖ , ਹੁਣ ਨੀ ਰੇਹਾ
ਤੇਰੇ ਕਰਕੇ ਬਦਨਾਮ ਹੋਇਆ ਸਾਂ💔
मयकदे में बैठ कर जाम इश्क़ के पी रहा हूं,
मुझे ना जगाना यारों मै ख़्वाबों में जी रहा हूं…
मोहब्बत भी कि, वफा भी रास आई,
थामा जब हाथ उसका तो जैसे ज़िन्दगी पास आई…
बंद आंखों में एहसासों को जी रहा हूं,
मुझे ना जगाना यारों मै ख़्वाबों में जी रहा हूं…
इश्क़ दिल से किया कलम से दास्तां लिखा,
मै ज़मीन पर सही उसे आसमां लिखा,
कुछ बिखरे लम्हों को पलकों के धागों से सी रहा हूं,
मुझे ना जगाना यारों मै ख़्वाबों में जी रहा हूं…
नजदीकियों का डर है, थोड़ा गुमराह हूं,
ना जाने धड़कने क्यों तेज़ है, मै भी तो हमराह हूं,
लग रहा है मै भवरा बन फूलों से खुशबू पी रहा हूं,
मुझे ना जगाना यारों मै ख़्वाबों में जी रहा हूं…
सुबह कुछ दस्तक दी शाम को वो लम्हें चल दिए,
वक्त की बंदिशें थी हम भी उनके पीछे चल दिए…
अगली सुबह के इंतज़ार में वक्त का दरिया पी रहा हूं,
मुझे ना जगाना यारों अब मै ख़्वाबों को जी रहा हूं…