Yun na najarandaaj karna mushkilo ko apni manzil takk pahuchane me sabse bada hath ini ka hai
यूं ना नजरंदाज करना मुश्किलों को अपनी मंजिल तक पहुंचाने में सबसे बड़ा हाथ इन्ही का है
Yun na najarandaaj karna mushkilo ko apni manzil takk pahuchane me sabse bada hath ini ka hai
यूं ना नजरंदाज करना मुश्किलों को अपनी मंजिल तक पहुंचाने में सबसे बड़ा हाथ इन्ही का है
मिलेगी परिंदों को मंजिल यकीनन
यह उनके फैले हुए पर बोलते है
अक्सर वो लोग खामोश रहते हैं
जमाने में जिनके हुनर बोलते हैं
बड़ी मुश्किल है ये ज़िन्दगी….
यही तो गम है , जिसको संजोए रहता हूँ
जिनसे उम्मीद है , नाउम्मीद उन्हीं से रहता हूँ
कहनेको खुशियाँ हैं , दामन में बेशुमार मेरे
एक भी नहीं मिलती , जब दिल को टटोलता हूँ
कैसे साहिल तक , कश्ती को ले जाऊँ
टूट गया है सागर बीच , चप्पू मेरी नाव का
हवाएं संकेत देतीं हैं , आनेवाले तुफ़ा का
कहीं सपना अधूरा न रह जाए , किनारों का
बड़ी मुश्किल है ये ज़िन्दगी
लोग जाने यहाँ कैसे जीतें हैं
हमने तो जबभी सुकून ढ़ूंढ़ा
कशमकश के फ़साने मिलतें हैं
जरासी खुशी देकर , ज़िन्दगी लूट लेती है
अपने आकर्षण में फ़साके , गम खूब देती है
न रह पातें हैं , न निकल पातें हैं इससे
जाने कितनें जनमों का , ये हिसाब लेती है
कोई कुछ भी कहे , सभी इसी के मारें हैं
मरतें हैं कई बार , जीतें सांसों के सहारे हैं
इक दिन चुपके से चलेजातें हैं
क्या पाया क्या खोया , शुन्य में ये भी न जान पातें हैं