मंजिल तो मिल ही जाएगी भटकते ही सही
गुमराह तो वो है जो घर से निकले ही नहीं
Enjoy Every Movement of life!
मंजिल तो मिल ही जाएगी भटकते ही सही
गुमराह तो वो है जो घर से निकले ही नहीं
नाराजगी उस सादगी पे जचती थी बड़ी
गुस्से में भी प्यारी लगती थी बड़ी🥰
कुछ हादसे ने छीनी है मुस्कुराहट उसकी
वरना हर बात पे वो हस्ती थी बड़ी🥀
