मंजिल तो मिल ही जाएगी भटकते ही सही
गुमराह तो वो है जो घर से निकले ही नहीं
Enjoy Every Movement of life!
मंजिल तो मिल ही जाएगी भटकते ही सही
गुमराह तो वो है जो घर से निकले ही नहीं
Kuch nahi milta sabar krne par
Jo chahiye vo haasil krna padta hai
Suno
मेरे लफ्जो को पढ़ने वालो
मेरे लफ्जो को समझ जाया
करो
ये लफ्जो मैं है एहसास मेरे
कभी इन्हे भी महसूस कर लिया
करो