मंजिल तो मिल ही जाएगी भटकते ही सही
गुमराह तो वो है जो घर से निकले ही नहीं
मंजिल तो मिल ही जाएगी भटकते ही सही
गुमराह तो वो है जो घर से निकले ही नहीं
कभी मिलो तो बताऊ कैसे तड़पाती है~~ आपकी यादें….
दिल से धड़कन निकाल ले जाती है~~ आपकी यादें..।।
Kabhi milo to batau kaise tadapti hai .. Aapki yaade…
dil se dhadkan nikal le jaati hai … aapki yaade..||
बहुत बदल गया हूं मैं, अब और बदल नहीं पाउंगा..
काफी कर दी है देर तूने, अब तेरे साथ चल नहीं पाउंगा..
बहुत जला हूं प्यार में तेरे, बस अब और मैं जल नहीं पाऊंगा..
गर फिर से टूट गया जो दिल, तो अब संभल नहीं पाऊंगा..
पास रहकर तो अब मैं जी नहीं सकता, दूर चला मैं जाउंगा..
तू खुश रहना इन गलियों में अब, लौट के मैं ना आउंगा….