मंजिल तो मिल ही जाएगी भटकते ही सही
गुमराह तो वो है जो घर से निकले ही नहीं
Enjoy Every Movement of life!
मंजिल तो मिल ही जाएगी भटकते ही सही
गुमराह तो वो है जो घर से निकले ही नहीं
उस चांद को बहुत गुरूर है,
कि उसके पास नूर है।
अब मैं उसे कैसे समझाऊं,
मेरे पास कोहिनूर है।
Pita duniya ki vo hasti hai jiska hath dhoop me chav aur pani me nav ke smaan hai.💯
पिता दुनिया की वो हस्ती है जिसका हाथ धूप में छांव और पानी में नाव के समान है। 💯