Macheya dil vich ajab jeha shor sajjna
Chlle es te Na hun sada jor sajjna
Sanu chdi e ishqe di lor sajjna
Asi takkna nahi hun koi hor sajjna
ਮੱਚਿਆ ਦਿਲ ਵਿੱਚ ਅਜਬ ਜਿਹਾ ਛੋਰ ਸੱਜਣਾ
ਚੱਲੇ ਇਸ ਤੇ ਨਾ ਹੁਣ ਸਾਡਾ ਜ਼ੋਰ ਸੱਜਣਾ
ਸਾਨੂੰ ਚੜੀ ਏ ਇਸ਼ਕੇ ਦੀ ਲੋਰ ਸੱਜਣਾ
ਅਸੀਂ ਤੱਕਣਾ ਨਹੀਂ ਹੁਣ ਕੋਈ ਹੋਰ ਸੱਜਣਾ..!!
अकेले चले जाते हो
बताते भी नहीं हो
बातें दिल में रखते हो
सुनाते भी नहीं हो
अपने राज छुपाए रखते हो
हमारे जान लेते हो
भीड़ में होकर भी
लापता से रहते हो
जो सवाल पूछो तो
नजरे चुराते हो
स्टेटस भी देखते हो
और देखकार मुस्कुरा भी देते
जाने किस रोज को रुके हो
फोन लगाते भी नहीं हो
हमारा दर्द भी समझते हो
फिर भी नसमझ सा बनते हो
कभी बहुत अपनापन जताते हो
और कभी पराए हो जाते हो
बाला की ख़ूबसूरत हो
पर इतराते नहीं हो
वैसे तो हर लिबास में हसीन हो
पर पीली कुर्ती में बिजलियाँ गिराते हो
मशहूर होकर भी गुमनाम सा रहते हो
ताजगी सुबह की हैं पर मस्तानी शाम सा रहते हो
बांधते हो और फिर खोल देते हो
इन जुल्फों से बड़ा खेलते हो
चेहरे की किताब के अक्षरों में उलझाते हो
अब बोल भी दो दिल की बात क्यों हमारे जख्मों को सहलाते हो
मैं तो सामने से नहीं बोल पाऊंगा
डरता हूं तुम्हारी ना हुई तो नहीं झेल पाऊंगा
अब तुम भी तो कभी कुछ इशारों को समझो
किसी चंचल नांव की तरह लहरें से उलझो
अब जब कभी तुमसे अगली मुलाकात हो
इधर-उधर की नहीं सीधे मुद्दे की बात हो
फिर जो भी फैसला आए हमें मंजुर हो
इकरार हो या ना हो पर अब इजहार तो जरूर हो।
इजहार तो जरूर हो।
इजहार तो जरूर हो।