CHAHAT KA KYA….
KISI KO BHI CHAH LE…
MASLA TO MOHABBAT😇 KA HAI
SIRF EK SE HOTI HAI..❣!
चाहत का क्या…
किसी को भी चाह ले…
मसला तो मोहोब्बत 😇का है
सिर्फ एक से होती है..❣!
CHAHAT KA KYA….
KISI KO BHI CHAH LE…
MASLA TO MOHABBAT😇 KA HAI
SIRF EK SE HOTI HAI..❣!
चाहत का क्या…
किसी को भी चाह ले…
मसला तो मोहोब्बत 😇का है
सिर्फ एक से होती है..❣!
हमने डूबते सूरज की एक शाम को अपना किरदार बदल डाला,
के उस मोहब्बत की चुभन को शायरी का नजमा दे डाला,
लोग मेरी तकरीरों पर वाह वाही दे रहे थे,
भीड़ में कुछ लोग ताली बजाकर, तो कुछ लोग अपनी नाकाम मोहब्बत की दलील दे रहे थे।
महफिल के शोर से एक जानी पहचानी सी आवाज आई,
तू आज भी आगे नहीं बढ़ा की उसने गुहार लगाई,
उसकी इस शिकायत में परवान था पुराने यारो का ।
मै हैरान था कौन था यह शक्स
अनजानों की भीड़ में जिसने मेरे शब्दो में छुपी नाकाम मोहब्बत को पहचाना था,
मुस्कुराता हुआ सामने आया तब समझ आया अरे यह तो यार पुराना था।
Shayad es vich koi khaas rehn lgga e
Ajkl dil kujh udaas rehn lgga e..
ਸ਼ਾਇਦ ਇਸ ਵਿੱਚ ਕੋਈ ਖਾਸ ਰਹਿਣ ਲੱਗਾ ਏ
ਅੱਜ ਕੱਲ ਦਿਲ ਉਦਾਸ ਰਹਿਣ ਲੱਗਾ ਏ