
Dil gumsum hai, jubaan v khamosh hai
fir v akhan vich nami ajh bharbhoor hai
kise de kyaalan vicg masroof hai

Dil gumsum hai, jubaan v khamosh hai
fir v akhan vich nami ajh bharbhoor hai
kise de kyaalan vicg masroof hai
Ajh teri kal meri waari aa
keh gaye sach siyaane eh duniyadaari aa
jihde karmaa ch jo likhiyaa ant oh paa jaana
jad rabb di ho gai mehar waqt saadda v aa jaana
ਅੱਜ ਤੇਰੀ ਕੱਲ ਮੇਰੀ ਵਾਰੀ ਆ,,,
ਕਹਿ ਗਏ ਸੱਚ ਸਿਆਣੇ ਇਹ ਦੁਨੀਆਦਾਰੀ ਆ…
ਜਿਹਦੇ ਕਰਮਾਂ ‘ਚ ਜੋ ਲਿਖਿਆ ਅੰਤ ਉਹ ਪਾ ਜਾਣਾ,,,
ਜਦ ਰੱਬ ਦੀ ਹੋ ਗਈ ਮੇਹਰ ਵਕ਼ਤ ਸਾਡਾ ਵੀ ਆ ਜਾਣਾ.
यादों का इक महल रोज बनता
और ढह जाता है……….
उठता है तूफान सीने में जब
जहन में सवाल इक आता है
जब जाना ही है दूर तो
क्यों करीब कोई आता है
यादों का इक महल रोज बनता
और ढह जाता है……….
जिसे देखना भी नही मुनासिब
आंखे बंद कर करीब उसी को पता है
ढूंढ ले खामियां उसकी हजार पर
दिल तो आज भी बेहतर उसी को बताता है
यादों का इक महल रोज बनता
और ढह जाता है……….
सपने देखता है नई दुनिया बसाने के तू
नींद तेरी आज भी वही चुराता है
बेख्याल होने का करले तमसील भले
मिलने का ख्याल तो आज भी सताता है
यादों का इक महल रोज बनता
और ढह जाता है……….