
Evein ta nahi har lafaz ch usda jikar ho reha..!!
Enjoy Every Movement of life!

टुटा हुआ दिल लेके कैसे जिया जाये
सोचता हूँ शमशान में ही घर किया जाये
तू उड़ ले बेवफाई के पंख लगा के जिंदिगी भर
तुजसे तेरी अंतिम उड़ान पे मिला जाये
मेरी एक गली,उसकी गली से जुड़ी है
मेरे पाव नहीं मुड़े, यही सड़क मुड़ी है
मैं मुस्कुराकर,बोल पड़ा इन दोस्तों से
देखो मेरी ज़न्नत, खिड़की पर खड़ी है
उतने ऊपर, मेरा खुदा भी नहीं दोस्त
उनकी कलाई पे जितनी,चूड़ी चड़ी है
मेरे पूरे हुज़रे पर, साया करती है वो
शहर में उनकी बिल्डिंग इतनी बड़ी है