माँ बाप के बिना जिन्दगी अधूरी हैं,
माँ अगर धूप से बचाने वाली छाँव हैं
तो पिता ठंडी हवा का वह झोका हैं
जो चेहरे से शिकवा की बूंदों को सोख लेता हैं♡
माँ बाप के बिना जिन्दगी अधूरी हैं,
माँ अगर धूप से बचाने वाली छाँव हैं
तो पिता ठंडी हवा का वह झोका हैं
जो चेहरे से शिकवा की बूंदों को सोख लेता हैं♡
Mainu shak hunda hai hathaa diyaan lakeera te
sab vakho vakhraa dasde ne padh ehna nu
ja ehna vich sachaai na ja oh jhoothe
me aakha doshi dona vicho kihna nu
ਮੈਂਨੂੰ ਸ਼ੱਕ ਹੁੰਦਾ ਹੈ ਹੱਥਾਂ ਦੀਆਂ ਲਕੀਰਾਂ ਤੇ,
ਸਭ ਵੱਖੋ – ਵੱਖਰਾ ਦੱਸਦੇ ਨੇ ਪੜ੍ਹ ਇਹਨਾਂ ਨੂੰ,
ਜਾਂ ਇਹਨਾਂ ਵਿੱਚ ਸੱਚਾਈ ਨਾ ਜਾਂ ਉਹ ਝੂਠੇ,
ਮੈਂ ਆਖਾਂ ਦੋਸ਼ੀ ਦੋਨਾਂ ਵਿਚੋਂ ਕਿਹਨਾਂ ਨੂੰ
वक़्त तो अब लफ़्ज़ों में दिया जाता है,
रूबरू तो महज दिखावा किया जाता है
waqt to ab lafzo me diya jaata hai
roobroo to meha dikhawa kiya jaata hai