माँ बाप के बिना जिन्दगी अधूरी हैं,
माँ अगर धूप से बचाने वाली छाँव हैं
तो पिता ठंडी हवा का वह झोका हैं
जो चेहरे से शिकवा की बूंदों को सोख लेता हैं♡
माँ बाप के बिना जिन्दगी अधूरी हैं,
माँ अगर धूप से बचाने वाली छाँव हैं
तो पिता ठंडी हवा का वह झोका हैं
जो चेहरे से शिकवा की बूंदों को सोख लेता हैं♡
Chal rahe the jab tum rasto par
Khushboo jese mehak rahi thi..
Jis jis ne bhi tumhe dekha
Unki dhadkane dehak rahi thi
Palatkar dekha jab tumne
Dhup mein jese badli aa gyi
Paas aaye jab tum mere
Ik shayar ke pass jese mehfil aa gayi
Arre, mehfil to aashiqo ki hi thi
Is aashiqana manzar ki kya zaroorat
Haan ghayal to the hi tumhe dekhkar
Batao tumhe khanzar rakhne ki kya zaroorat 🙃
चल रहे थे जब तुम रास्तों पर,
खुशबू, जैसे महक रही थी…
जिस जिस ने भी तुम्हें देखा,
उनकी धड़कने दहक रही थी…
पलटकर देखा जब तुमने,
धूप में जैसे बदली आ गई…
पास आए जब तुम मेरे,
इक शायर के पास जैसे महफिल आ गई…
अरे, महफिल तो आशिकों की ही थी,
इस आशिकाना मन्ज़र कि क्या जरूरत…
हाँ, घायल तो थे ही तुम्हें देखकर,
बताओ तुम्हें खंजर रखने की क्या जरूरत…🙃
Kuch toh baat hogi aapme Jo hum aapke Ishq mein gir pade
Kuch toh harkat aapne bhi ki hogi yuhi nahi hum akele they zid pe ade