Matlab de rishteya naalo
Hun taan dooriyan hi changiya ne…
ਮਤਲਬ ਦੇ ਰਿਸ਼ਤਿਆਂ ਨਾਲੋਂ
ਹੁਣ ਤਾਂ ਦੂਰਿਆ ਹੀ ਚੰਗੀਆਂ ਨੇ….
gumnaam ✍️✍️
Matlab de rishteya naalo
Hun taan dooriyan hi changiya ne…
ਮਤਲਬ ਦੇ ਰਿਸ਼ਤਿਆਂ ਨਾਲੋਂ
ਹੁਣ ਤਾਂ ਦੂਰਿਆ ਹੀ ਚੰਗੀਆਂ ਨੇ….
gumnaam ✍️✍️
कुछ लोग सुधर नहीं सकते हैं
हर किसी के बारे में बुरा ही बकते है
इन्हे किसी दूसरे की तारीफ करना आता नहीं हैं
इन्हे अपने खून के अलावा(सग्गे रिश्ते ) और कोई भाता नहीं हैं
यह लोग खुदको भगवान समझते हैं
भगवन खुद इन्हे शैतान समझते हैं
यह लोग इनके सग्गे रिश्तों में भी आग लगा देते हैं
अच्छे खासे परिवार में दाग लगा देते हैं
इनकी सोच ज़मीन में और सिर आसमान में रहता हैं
इन्हे कदर घर के बेटे की नहीं बल्कि उसकी है जो विदेश में बैठा हैं
यह लोग किसी दुसरे को आगे बढ़ता देख नहीं पाएंगे
अगर कोई आगे बढ़ गया तो यह चैन से बैठ नहीं पाएंगे
दुसरो को बुरा खुदको अच्छा दिखाना ही इन्हे सिर्फ आता हैं
इन्हे अपने खून के अलावा और कोई नहीं भाता हैं
इनमे कोई कमी नहीं ऐसा इनको लगता है
गिने चुने लोगो के अलावा इन्हे हर कोई खटकता है
किसी के लिए कुछ अच्छा ये कर नहीं सकते हैं
इन्हे जो पसंद है उसे सिर पर चढ़ा सकते हैं
लेकिन इनके पैर दबाने वालो को यह पैर तक ही रखते हैं
कुछ लोग कभी सुधर नहीं सकते हैं ।
Kiasi bipta ‘ch paayea insaan rabba
Ghar baithe budhe ton le jawaan rabba
chehal-pehal muk gai teri duniyaa ton har paasa hoeya sunsaan rabba
loki bahar jaan ton darrde, na aunda koi mehmaan rabb
injh darr peyaa e bimaari ne, jive howe koi hewaan rabba
door karde haneriyaan raatan nu, theek karde e halaat rabba
kinna chir ho gya vilak diyaa nu, hun taan sunle saadhi baat rabba
ਕੈਸੀ ਬਿਪਤਾ ‘ਚ ਪਇਆ ਇਨਸਾਨ ਰੱਬਾ
ਘਰ ਬੈਠਾ ਬੁੱਢੇ ਤੋਂ ਲੈ ਜਵਾਨ ਰੱਬਾ..
ਚਹਿਲ-ਪਹਿਲ ਮੁੱਕ ਗਈ ਤੇਰੀ ਦੁਨੀਆ ਤੋਂ ਹਰ ਪਾਸਾ ਹੋਇਆ ਸੁੰਨਸਾਨ ਰੱਬਾ
ਲੋਕੀਂ ਬਾਹਰ ਜਾਣ ਤੋਂ ਡਰਦੇ,ਨਾ ਆਉਦਾ ਕੋਈ ਮਹਿਮਾਨ ਰੱਬਾ
ਇੰਝ ਡਰ ਪਾਇਆ ਏ ਬਿਮਾਰੀ ਨੇ,ਜਿਵੇ ਹੋਵੇ ਕੋਈ ਹੈਵਾਨ ਰੱਬਾ
ਦੂਰ ਕਰਦੇ ਹਨੇਰੀਆ ਰਾਤਾਂ ਨੂੰ,ਠੀਕ ਕਰਦੇ ਏ ਹਾਲਾਤ ਰੱਬਾ
ਕਿੰਨਾ ਚਿਰ ਹੋ ਗਿਆ ਵਿਲਕ ਦਿਆਂ ਨੂੰ, ਹੁਣ ਤਾਂ ਸੁਣਲੈ ਸਾਡੀ ਬਾਤ ਰੱਬਾ