kaise bhula doon us bhoolane vaale ko main,
maut insaanon ko aatee hai yaadon ko nahin..
कैसे भुला दूँ उस भूलने वाले को मैं,
मौत इंसानों को आती है यादों को नहीं..
kaise bhula doon us bhoolane vaale ko main,
maut insaanon ko aatee hai yaadon ko nahin..
कैसे भुला दूँ उस भूलने वाले को मैं,
मौत इंसानों को आती है यादों को नहीं..
je apni mehfila laa ke v
saadiyaa galla karniyaa
fer saade naal hi baith lyaa kar
ਜੇ ਆਪਣੀ ਮਹਫ਼ਿਲਾਂ ਲਾ ਕੇ ਵੀ
ਸਾਡੀਆਂ ਗੱਲਾਂ ਕਰਨੀਆ
ਫੇਰ ਸਾਡੇ ਨਾਲ ਹੀ ਬੈਠ ਲਿਆ ਕਰ
क्या वक्त ये मेरे दरमियां है,
किसी ने बताया नहीं मुझमें क्या कमियां है,
शाम की खुशियों में गम का अंधेरा क्यूं लाएं,
आज दिल की सुनकर बाहर निकला जाए...
कैद कर लिया है खुद को इन बेड़ियों में,
क्या फर्क है अब मुझमें और कैदियों में,
इन अंजान गलियों में आज थोड़ा फिसला जाए,
आज दिल की सुनकर बाहर निकला जाए...