Ja tan fatwa jaari karde sadhi maut wala
ja lag ja rooh nu la-ilaz koi dukh ho k
ਜਾਂ ਤਾਂ ਫਤਵਾ ਜਾਰੀ ਕਰਦੇ ਸਾਡੀ ਮੌਤ ਵਾਲਾ
ਜਾਂ ਲੱਗ ਜਾ ਰੂਹ ਨੂੰ ਲਾ-ਇਲਾਜ਼ ਕੋਈ ਦੁਖ ਹੋ ਕੇ
Ja tan fatwa jaari karde sadhi maut wala
ja lag ja rooh nu la-ilaz koi dukh ho k
ਜਾਂ ਤਾਂ ਫਤਵਾ ਜਾਰੀ ਕਰਦੇ ਸਾਡੀ ਮੌਤ ਵਾਲਾ
ਜਾਂ ਲੱਗ ਜਾ ਰੂਹ ਨੂੰ ਲਾ-ਇਲਾਜ਼ ਕੋਈ ਦੁਖ ਹੋ ਕੇ
तिश्नगी थी मुलाक़ात की,
उस से हाँ मैंने फिर बात की।
दुश्मनी मेरी अब मौत से,
ज़िंदगी हाथ पे हाथ की।
सादगी उसकी देखा हूँ मैं,
हाँ वो लड़की है देहात की।
तुमने वादा किया था कभी,
याद है बात वो रात की।
अब मैं कैसे कहूँ इश्क़ इसे,
बात जब आ गई ज़ात की।
मुझसे क्या दुश्मनी ऐ घटा,
क्यों मेरे घर पे बरसात की।
हमको मालिक ने जितना दिया,
सब ग़रीबों में ख़ैरात की।
तू कभी मिल तो मालूम हो,
क्या है औक़ात औक़ात की।
tere naalo lgda nyi changa door hona
miln lyi kde tuvi tan majboor ho na
har baar apni pehl desda ye
sahi aa tainu apne pyaar te garoor ho na