mazbooriyaa ne ehna taa sikhaa diyaa
ki mazboor banda apni galtiyaa karke hunda ae
ਮਜਬੂਰੀਆਂ ਨੇ ਐਹਣਾ ਤਾਂ ਸਿਖਾਂ ਦੇਆਂ
ਕੀ ਮਜਬੂਰ ਬੰਦਾ ਆਪਣੀ ਗਲਤੀਆਂ ਕਰਕੇ ਹੁੰਦਾ ਐਂ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
mazbooriyaa ne ehna taa sikhaa diyaa
ki mazboor banda apni galtiyaa karke hunda ae
ਮਜਬੂਰੀਆਂ ਨੇ ਐਹਣਾ ਤਾਂ ਸਿਖਾਂ ਦੇਆਂ
ਕੀ ਮਜਬੂਰ ਬੰਦਾ ਆਪਣੀ ਗਲਤੀਆਂ ਕਰਕੇ ਹੁੰਦਾ ਐਂ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
हालातों से टकराकर हमने, खुद को मजबूत बनाया है..
तभी तो हर दर्द से लड़ने का, हुनर हम में आया है..
पहले डरा करते थे दर्द से हम, अब दर्द को हमने डराया है..
पहले रहता था, ताव में वो, अब जाकर घुटनों पे आया है..
अब नहीं सताता वो हमको, हमने खुदको इतना सताया है..
हम पत्थर बनकर बैठे गए, पत्थरों से कौन लड पाया है….
क्या वक्त ये मेरे दरमियां है,
किसी ने बताया नहीं मुझमें क्या कमियां है,
शाम की खुशियों में गम का अंधेरा क्यूं लाएं,
आज दिल की सुनकर बाहर निकला जाए...
कैद कर लिया है खुद को इन बेड़ियों में,
क्या फर्क है अब मुझमें और कैदियों में,
इन अंजान गलियों में आज थोड़ा फिसला जाए,
आज दिल की सुनकर बाहर निकला जाए...