mazbooriyaa ne ehna taa sikhaa diyaa
ki mazboor banda apni galtiyaa karke hunda ae
ਮਜਬੂਰੀਆਂ ਨੇ ਐਹਣਾ ਤਾਂ ਸਿਖਾਂ ਦੇਆਂ
ਕੀ ਮਜਬੂਰ ਬੰਦਾ ਆਪਣੀ ਗਲਤੀਆਂ ਕਰਕੇ ਹੁੰਦਾ ਐਂ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
mazbooriyaa ne ehna taa sikhaa diyaa
ki mazboor banda apni galtiyaa karke hunda ae
ਮਜਬੂਰੀਆਂ ਨੇ ਐਹਣਾ ਤਾਂ ਸਿਖਾਂ ਦੇਆਂ
ਕੀ ਮਜਬੂਰ ਬੰਦਾ ਆਪਣੀ ਗਲਤੀਆਂ ਕਰਕੇ ਹੁੰਦਾ ਐਂ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
Tu jab se begana hua,
Mera ghar mekhana hua!
Mekhane se jaam lekar,
Peeti hoon tera naam lekar!
तू जब से बेगाना हुआ,
मेरा घर मैखाना हुआ।
मैखाने से जाम लेकर,
पीती हूँ तेरा नाम लेकर।
कुछ नहीं है बात में, ये बात चुभती भी तो है,
भोर की पहली किरण भी सांझ में ढलती तो है,
उड़ता हूं मैं बाज़ सा आसमां की उस ऊंचाई में,
जिस तेज ताप पर, थोड़ी हवा चलती तो है,
गिरता हूं मैं उठता हूं कभी धरती कभी अंगड़ाई पे
जिंदगी भी दर बदर पर, जिंदगी चलती तो है,
बात इतनी ही नहीं के कायदे भी अब रो रहे,
सर झुका कर चलती दुनिया देख खलती भी तो है...