मैं हकीकत लिखूं या फसाना लिखूं,
उसको ना देखने का बहाना लिखूं,
बेतहाशा अगर है मोहब्बत उसे ,
नाम उसके मैं एक जिंदगानी लिखूं।
🙈❤️😘
मैं हकीकत लिखूं या फसाना लिखूं,
उसको ना देखने का बहाना लिखूं,
बेतहाशा अगर है मोहब्बत उसे ,
नाम उसके मैं एक जिंदगानी लिखूं।
🙈❤️😘
Kade kade bahut sataunda e mainu
ik swaal
asin mile hi kyu
jad milna hi nai c
ਕਦੇ ਕਦੇ ਬਹੁਤ ਸਤਾਉਂਦਾ ਏ ਮੈਨੂੰ
ਇਕ ਸਵਾਲ
ਅਸੀਂ ਮਿਲੇ ਹੀ ਕਿਉਂ
ਜਦ ਮਿਲਣਾ ਹੀ ਨਹੀਂ ਸੀ
Har koi mera ho jaye esi meri takdeer nhi
Mein vo sheesha hun jismein koi tasveer nhi😑
Mujhe bhi koi yaad kare kya mein itna bhi khushnaseeb nahi😔
हर कोई मेरा हो जाए ऐसी मेरी तक़दीर नही
मैं वो शीशा हूँ जिसमे कोई तस्वीर नही😑
दर्द से रिश्ता है मेरा खुशियाँ मुझे नसीब नही
मुझे भी कोई याद करे क्या मैं इतना भी खुशनसीब नही😔