मैं हकीकत लिखूं या फसाना लिखूं,
उसको ना देखने का बहाना लिखूं,
बेतहाशा अगर है मोहब्बत उसे ,
नाम उसके मैं एक जिंदगानी लिखूं।
🙈❤️😘
Enjoy Every Movement of life!
मैं हकीकत लिखूं या फसाना लिखूं,
उसको ना देखने का बहाना लिखूं,
बेतहाशा अगर है मोहब्बत उसे ,
नाम उसके मैं एक जिंदगानी लिखूं।
🙈❤️😘
मैं खिल नहीं सका कि मुझे नम नहीं मिला,
साक़ी मिरे मिज़ाज का मौसम नहीं मिला।🤎
Wafa de mamle ch asi rukha varge Haan
Vaddhe taan jawange par badlde nhi..
ਵਫਾ ਦੇ ਮਾਮਲੇ ਚ ਅਸੀਂ ਰੁੱਖਾਂ ਵਰਗੇ ਹਾਂ
ਵੱਢੇ ਤਾਂ ਜਾਵਾਂਗੇ ਪਰ ਬਦਲਦੇ ਨਹੀ।