मैं हकीकत लिखूं या फसाना लिखूं,
उसको ना देखने का बहाना लिखूं,
बेतहाशा अगर है मोहब्बत उसे ,
नाम उसके मैं एक जिंदगानी लिखूं।
🙈❤️😘
Enjoy Every Movement of life!
मैं हकीकत लिखूं या फसाना लिखूं,
उसको ना देखने का बहाना लिखूं,
बेतहाशा अगर है मोहब्बत उसे ,
नाम उसके मैं एक जिंदगानी लिखूं।
🙈❤️😘
बड़ी खुशनसीब हूं,
आप हमें मिलें,
हो गई हर तमन्ना पूरी,
जबसे आप हमारी जिंदगी में दखल हुए।
निंद मेरी ख्वाब तुम्हारा आये ये भी कोई बात है ,
तुम्हारे याद के बिना सो जाऊ वो भी कोई रात है ..
Nind meri khwab tumhare aaye ye bhi koi baat hai
Tumhare yaad ke Bina so jau vo bhi koi raat hai…