मैं हकीकत लिखूं या फसाना लिखूं,
उसको ना देखने का बहाना लिखूं,
बेतहाशा अगर है मोहब्बत उसे ,
नाम उसके मैं एक जिंदगानी लिखूं।
🙈❤️😘
मैं हकीकत लिखूं या फसाना लिखूं,
उसको ना देखने का बहाना लिखूं,
बेतहाशा अगर है मोहब्बत उसे ,
नाम उसके मैं एक जिंदगानी लिखूं।
🙈❤️😘
चुप रह कर, ये क़माल देखने लगा
उस शिकारी का,ज़ाल देखने लगा
उसने कहा, देखो आ गया समंदर
और मैं अपना, रुमाल देखने लगा
पहले उसने मेरा सर रखा,कंधे पर
फिर वो भीगे हुए,गाल देखने लगा
इसको नया इश्क़,मंज़ूर ही कहां है
दिल फिर पुराना,साल देखने लगा
याद आ गए,फिर उसके गाल मुझे
मैं होली में जब,गुलाल देखने लगा
और जब निवाला देकर,ली फोटो
मुस्कुरा के मैं, हड़ताल देखने लगा
Raaha teriyaa rehnde aa asi takde
akhaa khuliyaa na dekh dekh thakde
dite khud nu dilaase tere aun de
tainu milne di umeed haa asi rakhde
ਰਾਹਾਂ ਤੇਰੀਆਂ ਰਹਿੰਦੇ ਹਾਂ ਅਸੀਂ ਤੱਕਦੇ
ਅੱਖਾਂ ਖੁੱਲ੍ਹੀਆਂ ਨਾ ਦੇਖ ਦੇਖ ਥੱਕਦੇ
ਦਿੱਤੇ ਖੁਦ ਨੂੰ ਦਿਲਾਸੇ ਤੇਰੇ ਆਉਣ ਦੇ
ਤੈਨੂੰ ਮਿਲਨੇ ਦੀ ਉਮੀਦ ਹਾਂ ਅਸੀਂ ਰੱਖਦੇ