मैं हकीकत लिखूं या फसाना लिखूं,
उसको ना देखने का बहाना लिखूं,
बेतहाशा अगर है मोहब्बत उसे ,
नाम उसके मैं एक जिंदगानी लिखूं।
🙈❤️😘
Enjoy Every Movement of life!
मैं हकीकत लिखूं या फसाना लिखूं,
उसको ना देखने का बहाना लिखूं,
बेतहाशा अगर है मोहब्बत उसे ,
नाम उसके मैं एक जिंदगानी लिखूं।
🙈❤️😘
प्यारा की बैचेन गर्मी एक दिन बारिश में ठंडी भी हो जायेगी।
और जब हाथ में एक जाम हो और बाहों में उसका सर तो बात ही बन जाती है।।
Socha na tha,
Vo haseen chehra khwabon se nikal kar deedar dega,
Na jane kitni shaamein guzar di is shaam ki khatir… ❤
सोचा ना था,
वो हसीन चेहरा ख़्वाबों से निकल कर दीदार देगा,
ना जाने कितनी शामें गुज़ार दी इस शाम की खातिर…❤