Me jangal di us jadhi booti varga haan
jis nu matlab ton bina koi nahi puchhdaਮੈ ਜੰਗਲ ਦੀ ਉਸ ਜੜੀ ਬੂਟੀ ਵਰਗਾ ਹਾਂ..
ਜਿਸ ਨੂੰ ਮਤਲਬ ਤੋ ਬਿੰਨਾਂ ਕੋਈ ਨਹੀ ਪੁੱਛਦਾ..
Me jangal di us jadhi booti varga haan
jis nu matlab ton bina koi nahi puchhdaਮੈ ਜੰਗਲ ਦੀ ਉਸ ਜੜੀ ਬੂਟੀ ਵਰਗਾ ਹਾਂ..
ਜਿਸ ਨੂੰ ਮਤਲਬ ਤੋ ਬਿੰਨਾਂ ਕੋਈ ਨਹੀ ਪੁੱਛਦਾ..
Saara jagg suna suna c
ohde hathaan ch hath mildeyaa e duniyaa chal pai
ਸਾਰਾ ਜੱਗ ਸੁੰਨਾ ਸੁੰਨਾ ਸੀ,
ਉਹਦੇ ਹੱਥਾਂ ‘ਚ ਹੱਥ ਮਿਲਦਿਆਂ ਈ ਦੁਨੀਆਂ ਚੱਲ ਪਈ
अकेले चले जाते हो
बताते भी नहीं हो
बातें दिल में रखते हो
सुनाते भी नहीं हो
अपने राज छुपाए रखते हो
हमारे जान लेते हो
भीड़ में होकर भी
लापता से रहते हो
जो सवाल पूछो तो
नजरे चुराते हो
स्टेटस भी देखते हो
और देखकार मुस्कुरा भी देते
जाने किस रोज को रुके हो
फोन लगाते भी नहीं हो
हमारा दर्द भी समझते हो
फिर भी नसमझ सा बनते हो
कभी बहुत अपनापन जताते हो
और कभी पराए हो जाते हो
बाला की ख़ूबसूरत हो
पर इतराते नहीं हो
वैसे तो हर लिबास में हसीन हो
पर पीली कुर्ती में बिजलियाँ गिराते हो
मशहूर होकर भी गुमनाम सा रहते हो
ताजगी सुबह की हैं पर मस्तानी शाम सा रहते हो
बांधते हो और फिर खोल देते हो
इन जुल्फों से बड़ा खेलते हो
चेहरे की किताब के अक्षरों में उलझाते हो
अब बोल भी दो दिल की बात क्यों हमारे जख्मों को सहलाते हो
मैं तो सामने से नहीं बोल पाऊंगा
डरता हूं तुम्हारी ना हुई तो नहीं झेल पाऊंगा
अब तुम भी तो कभी कुछ इशारों को समझो
किसी चंचल नांव की तरह लहरें से उलझो
अब जब कभी तुमसे अगली मुलाकात हो
इधर-उधर की नहीं सीधे मुद्दे की बात हो
फिर जो भी फैसला आए हमें मंजुर हो
इकरार हो या ना हो पर अब इजहार तो जरूर हो।
इजहार तो जरूर हो।
इजहार तो जरूर हो।