Me jangal di us jadhi booti varga haan
jis nu matlab ton bina koi nahi puchhdaਮੈ ਜੰਗਲ ਦੀ ਉਸ ਜੜੀ ਬੂਟੀ ਵਰਗਾ ਹਾਂ..
ਜਿਸ ਨੂੰ ਮਤਲਬ ਤੋ ਬਿੰਨਾਂ ਕੋਈ ਨਹੀ ਪੁੱਛਦਾ..
Me jangal di us jadhi booti varga haan
jis nu matlab ton bina koi nahi puchhdaਮੈ ਜੰਗਲ ਦੀ ਉਸ ਜੜੀ ਬੂਟੀ ਵਰਗਾ ਹਾਂ..
ਜਿਸ ਨੂੰ ਮਤਲਬ ਤੋ ਬਿੰਨਾਂ ਕੋਈ ਨਹੀ ਪੁੱਛਦਾ..
लम्बीया राता यार दा विछोड़ा
मुंडेर ते बैठा है
एक जंगली कबूतरा दा जोड़ा
कर रहा गुटरगूं, गुटरगूं
जाने तू की कर रहा
दूर चिनारा ते विखरी है चांदनी
ते वेढा सादा महक रहा
रात दी रानी गुनगुना रही
दिल उदास मेरा तू ना आया
चित तेनु उडीक रहा
झींगुर ने छेड़ दिति तान
हव्वा वी पत्त्या नु ताल दे रही है
सीने दी धड़कन वी वड रही सरपट
गूंजी पपीहे दी पीहू-पीहू
नाल मेरे दिल दी पुकार
पर तू ना आया चित तेनु उडीक रहा
आँखा ते स्याह आसमान भरके
पूरी रात तारयां दे जोड़े बनाए
कित्ते कोई तारा टूटयां
चंद कल्ला रह गया
जीवे मैं तेरे बिन अधूरा रह रही
ऐवी गम दी रात गुजर जानी है
याद तेरी नाल सदा रह जानी है
याद वी नही हुंडी ते की करदे
हर्ष किवे होक्के भरदे
फेर वी तेनु पौन नु मन्नत मंग रही
चित रह रह के आज वी तेनु उडीक रही

Je tu maithon door na hundi
taan naina chon barsaat na aoundi
je naina cho barsaat na hundi
taan meri kalm chon kade awaz na aundi