मैं मौत के हुजूम में पल रहा हूँ
छाव मे ही सही पर काँटों पर चल रहा हूँ
बस से बाहर जा रहा है हालातों का दौर
जीने की ख़्वाहिश लिए पल पल मर रहा हूँ ….
जिंदगी इतने सितम ढाह रही है
और मैं एक मूठी चीनी लिए समुंदर मे फिर रहा हूँ ।
Enjoy Every Movement of life!
मैं मौत के हुजूम में पल रहा हूँ
छाव मे ही सही पर काँटों पर चल रहा हूँ
बस से बाहर जा रहा है हालातों का दौर
जीने की ख़्वाहिश लिए पल पल मर रहा हूँ ….
जिंदगी इतने सितम ढाह रही है
और मैं एक मूठी चीनी लिए समुंदर मे फिर रहा हूँ ।
bahrli dhup da sek nahi andarli agg sataundi aa
disde aa bahro shaant andar roj sunami aundi aa
ਬਾਹਰਲੀ ਧੁੱਪ ਦਾ ਸੇਕ ਨਹੀਂ ਅੰਦਰਲੀ ਅੱਗ ਸਤਾਉਂਦੀ ਏ ..
ਦਿਸਦੇ ਆ ਬਾਹਰੋਂ ਸ਼ਾਂਤ ਅੰਦਰ ਰੋਜ ਸੁਨਾਮੀ ਆਉਂਦੀ ਏ ..
वफ़ा की बाते तुम क्यू किया करती थीं
जूठे वादे तुम क्यू निभाया करती थीं
अब तो सजा – ए – जख्म इतने मिल रहे है मुर्सद
की अब तो दिल भी कह रहा है वो मोहब्ब्त ही तुमसे क्यू किया करती थी ।।