मैं मौत के हुजूम में पल रहा हूँ
छाव मे ही सही पर काँटों पर चल रहा हूँ
बस से बाहर जा रहा है हालातों का दौर
जीने की ख़्वाहिश लिए पल पल मर रहा हूँ ….
जिंदगी इतने सितम ढाह रही है
और मैं एक मूठी चीनी लिए समुंदर मे फिर रहा हूँ ।
Enjoy Every Movement of life!
मैं मौत के हुजूम में पल रहा हूँ
छाव मे ही सही पर काँटों पर चल रहा हूँ
बस से बाहर जा रहा है हालातों का दौर
जीने की ख़्वाहिश लिए पल पल मर रहा हूँ ….
जिंदगी इतने सितम ढाह रही है
और मैं एक मूठी चीनी लिए समुंदर मे फिर रहा हूँ ।
Sog bhare mausm nu samet
Baddal ban ke shaa jawi..!!
Ujdi sukki dil di zamin te
Sawan ban ke aa jawi..!!
ਸੋਗ ਭਰੇ ਮੌਸਮ ਨੂੰ ਸਮੇਟ
ਬੱਦਲ ਬਣ ਕੇ ਛਾ ਜਾਵੀਂ..!!
ਉੱਜੜੀ ਸੁੱਕੀ ਦਿਲ ਦੀ ਜ਼ਮੀਨ ਤੇ
ਸਾਵਣ ਬਣ ਕੇ ਆ ਜਾਵੀਂ..!!
