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Me mukammal hoke bhi adhoora || dard shayari

मैं मुकम्मल होके भी अधूरा ही रहा हु ,

तमाम आजमइशों के बाद भी अकेला ही रहा हु । 

मैं हर बार करता रहा जिसकी हसी की दुआ 

बदले मे इसके हर बार रोता रहा हूँ । 

हर बार बेवजह रूठता है कोई मुझसे 

लाख कोशिशों के बाद भी खुद को खोटा रहा हूँ ।

मेरी कोशीशे मिटा रही है तमाम जख्मो को मेरे ,

दूसरी तरफ जज़बातो की आड़ मे एनहे खुरेद रहा हूँ ।   

Title: Me mukammal hoke bhi adhoora || dard shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


tarse jeevan || किसान कविता

बूँद बूँद को तरसे जीवन,
बूँद से तड़पा हर किसान
बूँद नही हैं कही यहाँ पर
गद्दी चढ़े बैठे हैवान.
बूँद मिली तो हो वरदान
बूँद से तरसा हैं किसान
बूँद नही तो इस बादल में
देश का डूबा है अभिमान
बूँद से प्यासा हर किसान
बूँद सरकारों का फरमान
बूँद की राजनीति पर देखों
डूब रहा है हर इंसान.

           तरुण चौधरी  

Title: tarse jeevan || किसान कविता


Lo aajh mehfil sajji

लो आज महफिल सजी हैं हमारे लिए

सुनने को मुझे तैयार हर कोई है

पर दिल ने इजाजत नहीं दी है अभी

मेरी गजलो का हकदार और कोई है

Title: Lo aajh mehfil sajji