
Asin tan khud aapniyaan mehflan diyaan
tahniyaan chhang aaye
tel unde hoye v khushi te diwe bujaa aye

Asin tan khud aapniyaan mehflan diyaan
tahniyaan chhang aaye
tel unde hoye v khushi te diwe bujaa aye
तेरी याद बडी जोरो से आई आज
तू कही मुझे बददुआ तो नही दे रही
हम ख्वाबों में आए होंगे कल रात को तेरे
तू कल रात से ही शोइ नही
कुछ बातो ने याद आके रुलाया आज
तू कही वो बाते किसे और से तो नही कर रही
तू चलता चल ऐ बंदेया
माना मुश्किल , है सफ़र
पर जब साथ हो कोई हमदर्द
तो किस बात का डर
तू चलता चल ऐ बंदेया….
बपिस मुड़ना अब यहाँ से
माना है , जिस राह पर तू चला है
रुक , ठहर , खुद से खुद की लिए इजाज़त माँग,
फिरसे खड़कर , द्रिड होकर, चट्टान सा बनकर
तू चलता चल ऐ बंदेया…
तुझे रखना पड़ेगा खुद को प्रत्येक रूप से तयार
क्यूँकि इस संसार में ना रख सकते प्यार का , ना यार का ऐतबार
पर मुश्किल समय में ग़ैरों का हौंसला ज़रूर बनना मेरे यार
यहाँ आजकल कोन आता है छोड़कर अपना घर व्यापार
तू बुलंदियाँ छूता चल ऐ बंदेया ,तू चलता चल ऐ बंदेया ,
तू चलता चल ऐ बंदेया…….।