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Mehnat || hindi poetry || मेहनत पर कविता

आज गया  ऐसे ही
कल भी चला जायेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू  कुछ नही कर पायेगा|

दुःख है आज जिंदगी मे तेरे
कल सुख भी पायेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू कुछ नही कर पायेगा|

साथी पहुंच जायेगे बहुत आगे 
तू पीछे ही रह जायेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू  कुछ नही कर पायेगा|

समय बितता जायेगा
तू सोचता ही रह जायेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू  कुछ नही कर पायेगा|

जिंदगी के सभी सपने
मेहनत से ही पुरे कर पायेगा 
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू कुछ नही कर पायेगा|

आज मेहनत करेगा तभी
कल मेहनत का  फल पायेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू कुछ नही कर पायेगा|

जब शरीर मे जान ही नही बचेगी
तब क्या मेहनत करेगा
आज गया  समय ऐसे ही
 कल तो तू ही चले जायेगा 
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू कुछ नही कर पायेगा|

जब कुछ नही कर पायेगा तो
किस्मत को जिम्मेवार ठहरायेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू  कुछ नही कर पायेगा|

मेहनत कर ऐ इंसान तू अब
कब तक ऐसे बैठे रहेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू  कुछ नही कर पायेगा|

गरीब है अगर तू आज
कल अमीर बन जायेगा| 
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू  कुछ नही कर पायेगा|

कब तक  परिवारवालो की
मेहनत की रोटी तू खायेगा
एक दिन तू जरूर पछतायेगा
बिना मेहनत करें ऐ इंसान
तू  कुछ नही कर पायेगा|

मेहनत कर ऐ इंसान
तू आगे ही बढ़ता जायेगा
दुनिया के नजरों मे एक दिन  
सफल इंसान बन जायेगा|

अब सुन ऐ इंसान एक बात आज
जब तक नही निकालेगा अपने
अंदर के आलस को तू बाहर
तब तक मेहनत करने से
कतरायेगा तू हर बार|

कामयाब वही होते है
जो कुछ कर दिखाते है
वरना सोचता तो हर इंसान है|
सोच मे तो ऐ इंसान तू बैठे-बैठे
 बडे बडे सपने देख लेता है
 जब मेहनत करने समय आता है
 तो सपनो को  दो मिनट मे तोड़ देता है|
सपने ऐसे देख जिसको तू पूरा कर सके
ऐसे सपने ही क्यों देखने जिनको
पाने की तू हिम्मत ही न रख सके |

कितने आये जिंदगी मे
ओर कितने चले गये
नाम उनका ही रहा
जो कुछ करके दिखा गये|

वो सोचते थे जो भी 
उसको पूरा करके दिखाते थे
उनका मुँह नही  बोलता था
काम बोलके दिखाता था |

मेहनत करके ऐ इंसान
जब तू इस जिंदगी से जायेगा
तेरा नाम रहेगा इस दुनिया मे
ओर तू अमर कहलायेगा.

Title: Mehnat || hindi poetry || मेहनत पर कविता

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Maa || punjabi shayari

ਲੈ ਨੀ ਸਕਦਾ ਤੇਰੀ ਥਾਂ ਕੋਈ ।
ਏਹ੍ਹ ਗੱਲ ਮੇਰੇ ਰਬ  ਤੋਂ ਵੀ ਲੁਕੀ ਨਹੀਂ ।।

ਕਿਨੇਆ  ਨਾਲ  ਦਿਲਾਂ ਦੀ ਕੁਰਬਤ ਸੀ ।
ਪਰ ਤੇਰੀ ਕਮੀ ਖਲਦੀ ਰਹੀ ।।
ਤੇਰੀ ਬੁੱਕਲ ਚ ਜੋ ਨਿੱਘ ਸੀ ।
ਉਹ ਤਾ ਆਤਿਸ਼ ਦੀ ਲੋਅ ਚ ਵੀ ਨਹੀਂ ।।
ਹਰ ਪੰਨੇ ਤੇ ਤੇਰਾ ਜ਼ਿਕਰ ਹੈ ।
ਜਿਦਾਂ  ਮੇਰੇ ਵਜੂਦ ਤੋਂ ਤੇਰਾ ਨਾਮ ਮਿਟਣਾ ਨਹੀਂ ।।
ਨਿਰੋਲ ਜਾਹਿ ਜਾਪਦੀ ਆ ਤੇਰੀ ਤਸਵੀਰ ਇਸ ਚਾਰ ਦੀਵਾਰੀ ਚ ।
ਸਬ ਹੈ ਬੱਸ ਤੇਰੀ ਉਹ ਅਫਸੂਨ ਕਰਦੀ ਆਵਾਜ਼ ਨਹੀਂ।।
ਕਿਨੀ ਦਫ਼ਾ ਤੈਨੂੰ ਸੁਫ਼ਨੇ ਚ ਮਿਲਦੀ ਰਹੀ ਆ ਮਾਂ ।
ਬੱਸ ਤੂੰ ਹੁਣ ਸਿਰ ਤੇ ਹੱਥ ਫੇਰ ਜਗਾਉਂਦੀ ਨਹੀਂ ।
ਸਿਰ ਤੇ ਹੱਥ ਫੇਰ ਜਗਾਉਂਦੀ ਨਹੀਂ ।।

Title: Maa || punjabi shayari


Be a friend || beautiful lines || english quotes

Be a friend they hopelessly fall in love with!

Title: Be a friend || beautiful lines || english quotes