Jab aap khwab bunte hoo.
Tab aap apna aap chunte ho..
Mehnat ke liye..
Uncha udne ke liye..
जब आप खवाब बुनते हो।
तब आप अपना आप चुनते हो।
मेहनत के लिऐ।
ऊचा उडने के लिऐ।
Jab aap khwab bunte hoo.
Tab aap apna aap chunte ho..
Mehnat ke liye..
Uncha udne ke liye..
जब आप खवाब बुनते हो।
तब आप अपना आप चुनते हो।
मेहनत के लिऐ।
ऊचा उडने के लिऐ।
आज दीदार ना हुआ उनका एक बार भी, नाराज से लगते हैं..
सुनाई देती है जैसे ही दस्तक कोई, बार- बार दरवाजे पे भगते हैं..
हर बार कोई और होता है, ख्वाब टूट जाता है, नींद से जगते हैं..
अरे कोई तो खबर करदो उन्हें, इंतजार में हैं, वो अपने से लगते हैं..❤️
सीने के बल चल कर आया था मैं
फिर मोहब्बत में नाकाम हुआ
वफा तो दोनो तरफ से थी….
फिर हमारा ही क्यू बुरा अंजाम हुआ
कलम तू कैसे लिख लेता है मेरे दर्द को
सलमान….तेरा दर्द लिखकर ही तो मेरा नाम हुआ
ऐन मुमकिन है दिल की मरम्मत हो जाए
मगर वक्त से पहले ही बंद बाजार हुआ
हमसे दोस्ती _तुम्हे मायूस कर देगी
अब तो खुद में ही मैं खाक हुआ
देख इंतजार में है लोग तेरी दास्तान सुनने के लिए
जा कर कह दो लोगो से…….दर्द से उनका इंतकाल हुआ