Haan mehsus kar pa rahe haan
Ke bhut badal chukke haan khud nu tere layi..!!
ਹਾਂ ਮਹਿਸੂਸ ਕਰ ਪਾ ਰਹੇ ਹਾਂ
ਕਿ ਬਹੁਤ ਬਦਲ ਚੁੱਕੇ ਹਾਂ ਖੁਦ ਨੂੰ ਤੇਰੇ ਲਈ..!!
Haan mehsus kar pa rahe haan
Ke bhut badal chukke haan khud nu tere layi..!!
ਹਾਂ ਮਹਿਸੂਸ ਕਰ ਪਾ ਰਹੇ ਹਾਂ
ਕਿ ਬਹੁਤ ਬਦਲ ਚੁੱਕੇ ਹਾਂ ਖੁਦ ਨੂੰ ਤੇਰੇ ਲਈ..!!
HAMAIN KHUD KO SIRF TERE DAAYRE TAK HI TO MEHDOOD RAKHNA HAI
MOHABBAT SE ISHQUE KA YEH SAFAR OOROOJ SE ZAWAAL KI JAANIB TO AAYE GA NAHI
ہمیں خود کو صرف تیرے دائرے تک ہی تو محدود رکھنا ہے
محبّت سے عشق کا یہ سفر عروج سے زوال کی جانب تو آئے گا نہیں
आग को बुझा देता है क्रोध ।
आग जलते है हवा में, लेकिन चिंगारी में जलता है क्रोध।
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अपना कविता किसी को मत पढ़ाओ।
अगर कोई पढ़ना चाहते है, उसे सच ढूंढ़ने के लिए बताओ।
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जबाब हर बात पे मत दो।
सिर्फ वक्त का इंतज़ार करो।
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जब बन रहे हों, सुनना पड़ता हैं।
जब बन गये हों, लोग सुनने आते हैं।
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रिश्ते आसमान की रूप।
आज बारिश, कल धूप।
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बात लहर की तरह।
जनम देती रिश्ते, टूटती भी रिश्ते, सोचो ज़रा।
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मैदान में जितना राजनीती होता है, उससे भी ज्यादा होता है घर पर।
घर का बाप ही बनता है नेता, नेता पैदा भी होता हे घर पर।
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जो तुम्हे पाता है, वो किसी को मत बताओ।
समय में प्रयोग करो, नहीं तो लोग समझेंगे के तुम मुर्ख हो।