
Manawe ta v changa e
Tu naraz ho narazgi jataa
Chahe kuj v kar
Mein khush haan teri mohobbat ch..!!

Tera chadd jana, mera tutt jana, bas jajjbaata da dhokha c,
ik hor saal beet gya, bin tere ik pal v kadhna aukha c
ਤੇਰਾ ਛੱਡ ਜਾਣਾ , ਮੇਰਾ ਟੁੱਟ ਜਾਣਾ, ਬਸ ਜਜ਼ਬਾਤਾਂ ਦਾ ਧੋਖਾ ਸੀ,
ਇਕ ਹੋਰ ਸਾਲ ਬੀਤ ਗਿਆ, ਬਿਨ ਤੇਰੇ ਇਕ ਪਲ ਵੀ ਕੱਢਣਾ ਔਖਾ ਸੀ ,
कैसे बताऊं तुम्हे के कौन हो तुम…
हवाओं में फैली है जो खुशबू, उसकी सादगी तुम हो…
मेरी रूह को जो ठंडक दे, वो ताज़गी तुम हो…
सज़दा करू मैं किसका, मेरी दुआओं में तुम,
मेरी वफाओं में तुम, बरसती घटाओं में तुम,
बस तुम ही तुम… तुम हो मेरे आज में मेरे कल में भी तुम,
मेरे हर वक्त में तुम, बस तुम ही तुम…
कैसे बताऊं तुम्हे के कौन हो तुम…
ये धड़कने तुम्हारी है,
मेरे दिल की कीमत समझ लेना,
बिछ जाऊं तुम्हारे क़दमों में,
इसे मेरी मन्नत समझ लेना,
तस्वीर मैं भी हूं तुम्हारी,
मुझे अपनी सीरत समझ लेना…
मेरे साए में भी अब दिखते हो तुम,
कैसे बताऊं तुम्हे के कौन हो तुम…