
Tu mera te mein teri ve..!!

आजकल तुम्हारे बिना मुझे
कुछ भी अच्छा नहीं लगता है
जिधर भी देखु एकलौता मुझे
तुम्हारा ही चेहरा नजर आता है।
तू न दुनिया सी बन गयी हो मेरी ,
बस गुजारिस है तुमसे
की तुम दुनिया की तरह न हो जाना।
ठहरी हुयी सी मेरी
एक शाम हो गए हो तुम
बस गुजारिस है तुमसे
की तुम कहि ढल मत जाना
क्योकि तुमसे आगे मैंने
देखना अब छोड़ दिया है
तुम तक ही है मेरा अब जो भी है
बिन तुम्हारे भी चलना
मैंने अब छोड़ दिया है
तरुण चौधरी
जब तुम्हारी याद आए, हम चाँद को निहार लेते हैं,
जो बातें तुमसे ना कह पाए, वे उसको सुनाने लगते हैं,
लगता है, कोई पुराना रिश्ता तुमसे,
जब भी तुमसे मिलते हैं, हम मुस्कुराने लगते हैं।