kya bataoon tumhe main apne dard k bare me…
sabkuch bta ke v tum mera dard km ni kr skti..
kya bataoon tumhe main apne dard k bare me…
sabkuch bta ke v tum mera dard km ni kr skti..
Vo akasar pucha karte the humse kyu batoon ko byaan nhi karte javab agar dete to humari mohabbat par svaal uth jate
वो अक्सर पूछा करते थे हमसे क्यों बातों को बयां नही करते जवाब अगर देते तो हमारी मोहब्बत पर सवाल उठ जाते
“थोड़ा थक सा जाता हूं अब मै…
इसलिए, दूर निकलना छोड़ दिया है,
पर ऐसा भी नही हैं कि अब…
मैंने चलना ही छोड़ दिया है।
फासलें अक्सर रिश्तों में…
अजीब सी दूरियां बढ़ा देते हैं,
पर ऐसा भी नही हैं कि अब मैंने..
अपनों से मिलना ही छोड़ दिया है।
हाँ जरा सा अकेला महसूस करता हूँ…
खुद को अपनों की ही भीड़ में,
पर ऐसा भी नहीं है कि अब मैंने…
अपनापन ही छोड़ दिया है।
याद तो करता हूँ मैं सभी को… और परवाह भी करता हूँ सब की, पर कितनी करता हूँ… बस, बताना छोड़ दिया है।।”