ai mera janaaza uthaane vaalo,
dekhana koee bevapha paas na ho,
agar ho to us se kahana,
aaj to khushee ka mauka hai, udaas na ho..
ऐ मेरा जनाज़ा उठाने वालो, देखना कोई बेवफा पास न हो,
अगर हो तो उस से कहना, आज तो खुशी का मौका है, उदास न हो..
ai mera janaaza uthaane vaalo,
dekhana koee bevapha paas na ho,
agar ho to us se kahana,
aaj to khushee ka mauka hai, udaas na ho..
ऐ मेरा जनाज़ा उठाने वालो, देखना कोई बेवफा पास न हो,
अगर हो तो उस से कहना, आज तो खुशी का मौका है, उदास न हो..
ये साफ सफाई की बात नहीं, कोरोना ने लिखी खत।
इधर उधर थुकना मत।
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गंगा की गोद में चलती है नाव, मृत शरीर भी।
समय का गोद में खिलती है सभ्यता और जंगली जानवर का अँधा बिस्वास भी।
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बचपन मासूम कली।
फल बनना और बड़ा होना- काला दाग में अशुद्ध कलि।
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कीचड़ में भी कमल खिलता है।
अच्छे घर में भी बिगड़ा हुआ बच्चा पैदा होते है।
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इंसान का अकाल नहीं, इंसानियत की अकाल है।
डॉक्टर (सेवा) के अकाल नहीं, वैक्सीन (व्यवस्था) का अकाल है।
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कुत्ते समझते है के कौन इंसान और कौन जानवर है।
बो इंसान को देख के पूंछ हिलाते है और जानवर को देख के भूँकते है।
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जीविका से प्यारा है जिंदगी।
अगर साँस बंद है तो कैसे समझेंगे रोटी की कमी।
Jo gaaba tainu pehla pyaar karda si
me haje v ohi haa me badleyaa ni
ae gallaa karniyaa taa karle mere naal
bas hun gal yaari laun d naa kari
teri ditiyaa satta pehlaa diyaa
me ohna ton hi hajje v samleyaa ni
ਜੋ ਗਾਬਾ ਤੈਨੂੰ ਪਹਿਲਾਂ ਪਯਾਰ ਕਰਦਾਂ ਸੀ
ਮੈਂ ਹਜੈ ਵੀ ਔਹੀ ਹਾਂ ਮੈਂ ਬਦਲੇਯਾ ਨੀ
ਐ ਗਲਾਂ ਕਰਨੀਆਂ ਤਾਂ ਕਰਲੇ ਮੇਰੇ ਨਾਲ
ਬਸ ਹੂਨ ਗਲ਼ ਯਾਰੀ ਲਾਉਣ ਦੀ ਨਾਂ ਕਰੀ
ਤੇਰੀ ਦਿਆਂ ਸਟਾ ਪੇਹਲੇ ਦਿਆ
ਮੈਂ ਓਹਨਾਂ ਤੋਂ ਹੀ ਹਜੈ ਵੀ ਸ਼ਮਲੇਆ ਨੀ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷