ai mera janaaza uthaane vaalo,
dekhana koee bevapha paas na ho,
agar ho to us se kahana,
aaj to khushee ka mauka hai, udaas na ho..
ऐ मेरा जनाज़ा उठाने वालो, देखना कोई बेवफा पास न हो,
अगर हो तो उस से कहना, आज तो खुशी का मौका है, उदास न हो..
ai mera janaaza uthaane vaalo,
dekhana koee bevapha paas na ho,
agar ho to us se kahana,
aaj to khushee ka mauka hai, udaas na ho..
ऐ मेरा जनाज़ा उठाने वालो, देखना कोई बेवफा पास न हो,
अगर हो तो उस से कहना, आज तो खुशी का मौका है, उदास न हो..
ai khuda
tujase ek savaal hai mera,
usake chahere kyoon nahin badalate,
jo inshaan “badal” jaate hai.…
ऐ खुदा
तुजसे एक सवाल है मेरा,
उसके चहेरे क्यूँ नहीं बदलते,
जो इन्शान “बदल” जाते है.…
एक बचपन का जमाना था
जहाँ खुशियों का खजाना था
चाहत चांद को पाने कि थी
पर दिल तितली का दिवाना था
ना खबर अपनी थी
ना शाम का ठिकाना था
माँ की कहानी थी
परियों का फसाना था
क्यो हो गए आज हम इतने बड़े
इससे अच्छा तो वो बचपन का जमाना था❤️