nadi de kinare
te dujhe chann te taree
tere jaan ton baad
hun ehi mere dil nu piyare
ਨਦੀ ਦੇ ਕਿਨਾਰੇ
ਤੇ ਦੂਜੇ ਚੰਨ ਤੇ ਤਾਰੇ
ਤੇਰੇ ਤੋਂ ਬਾਅਦ
ਹੁਣ ਏਹੀ ਮੇਰੇ ਦਿਲ ਨੂੰ ਪਿਆਰੇ
nadi de kinare
te dujhe chann te taree
tere jaan ton baad
hun ehi mere dil nu piyare
ਨਦੀ ਦੇ ਕਿਨਾਰੇ
ਤੇ ਦੂਜੇ ਚੰਨ ਤੇ ਤਾਰੇ
ਤੇਰੇ ਤੋਂ ਬਾਅਦ
ਹੁਣ ਏਹੀ ਮੇਰੇ ਦਿਲ ਨੂੰ ਪਿਆਰੇ

Kinna smaa ho gya
par ik aas ohnu milan di mukdi nai
beshak tutte taare kade vapis ambraan te jurrde nai
par fir v ik aas ohnu bhuldi nai
रूप था उसका बहुत विशाल, राक्षस था वो बहुत भारी..
नाम था दशानन उसका, बुद्धि न जिसकी किसी से हारी..
हर कोई डरता था उससे, हो देव, दैत्य, चाहे नर-नारी..
प्रकोप था जिसका लोकों में, धरती कांपती थी सारी..
देखके ताकत को उसकी, भागे खड़े पैर बड़े बाल-धारी..
विशाल साम्राज्य पर उसके, भारी पड़ गई बस एक नारी..
घमंड को उसके चूर कर दिया, कहा समझ ना तू निर्बल नारी..
विधवंश का तेरे समय आ गया, ले आ गयी देख तेरी बारी..
लंका में बचेगा ना जीव कोई, मति जो गई तेरी मारी..
आराध्य से मेरे दूर कर दिया, भुगतेगी तेरी पीढी सारी..
रघुनंदन आए कर सागर पार, आए संग वानर गदा धारी..
एक-एक कर सबको मोक्ष दिया, सियाराम चरण लागी दुनिया सारी..