mainu mere geet meri jaan ne,
jede sunn onna lyi tufaan ne,
main apni marzi naal likha apne bol na becha naa hire di khaan ne
Sabi……
mainu mere geet meri jaan ne,
jede sunn onna lyi tufaan ne,
main apni marzi naal likha apne bol na becha naa hire di khaan ne
Sabi……
इस जीवन से जुड़ा एक सवाल है हमारा~
क्या हमें फिर से कभी मिलेगा ये दोबारा?
समंदर में तैरती कश्ती को मिल जाता है किनारा~
क्या हम भी पा सकेंगे अपनी लक्ष्य का किनारा?
जिस तरह पत्तों का शाखा है जीवन भर का सहारा~
क्या उसी तरह मेरा भी होगा इस जहां में कोई प्यारा?
हम एक छोटी सी उदासी से पा लेते हैं डर का अंधियारा~
गरीब कैसे सैकड़ों गालियां खा कर भी कर लेतें है गुजारा ?
जिस तरह आसमान मे रह जाते सूरज और चांद-तारा ~
क्या उस तरह रह पाएगा हमारी दोस्ती का सहारा ?
जैसे हमेशा चलती रहती है नदियों का धारा~
क्या हम भी चल सकेंगे अपनी राह की धारा ?
socheyaa si k na keeta jaawe ishq
asi fir v ishq ch pe gaye
had ton vadh kita ishq
asi fir v ikalle reh gaye
ਸੋਚਿਆ ਸੀ ਕਿ ਨਾ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇ ਇਸ਼ਕ
ਅਸੀਂ ਫਿਰ ਵੀ ਇਸ਼ਕ ਚ ਪੈ ਗਏੇ
ਹਦ ਤੋਂ ਵੱਧ ਕੀਤਾ ਇਸ਼ਕ
ਅਸੀਂ ਫਿਰ ਵੀ ਕਲੇ ਰੇਹ ਗਏ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷