Suno
मेरे लफ्जो को पढ़ने वालो
मेरे लफ्जो को समझ जाया
करो
ये लफ्जो मैं है एहसास मेरे
कभी इन्हे भी महसूस कर लिया
करो
Suno
मेरे लफ्जो को पढ़ने वालो
मेरे लफ्जो को समझ जाया
करो
ये लफ्जो मैं है एहसास मेरे
कभी इन्हे भी महसूस कर लिया
करो
उनके चेहरे की हंसी पर नजर मेरी तब पड़ी, जब शहर में मेरा आना हुआ..
अब उनके चेहरे पर ही रहती है ये हर घड़ी, और उनका मुझे देख शर्माना हुआ..
मेरी नज़रों पे उनकी नज़रों ने लगाई ऐसी हथ-कडी, ना फिर मेरा कभी घर जाना हुआ..
अब नज़रों से सिर्फ वही देखते हैं, जो वो दिखाती है, ना जाने भरा ये हमने, कैसा हर-ज़ाना हुआ..
मुकम्मल ना हुआ इश्क तोह मेरा किया कसूर
यह तोह तेरी और तकदीर की मेहरबानी है
और बहुत फ़िक्र ना किया कर अब
अधुरा इश्क रहे ना तोह सच्ची मोहब्बत की निशानी हैं
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷