Na raat eh aa alag
na hawa hai ajh alag
alag hai ik shakhash mere ton ajh
mere pyar ne kita jihnu alag
ਨਾ ਰਾਤ ਇਹ ਆ ਅਲੱਗ
ਨਾ ਹਵਾ ਹੈ ਅੱਜ ਅਲੱਗ
ਅਲਗ ਹੈ ਇਕ ਸਖ਼ਸ਼ ਮੇਰੇ ਤੋਂ ਅੱਜ
ਮੇਰੇ ਪਿਆਰ ਨੇ ਕੀਤਾ ਜਿਹਨੂੰ ਅਲੱਗ
Na raat eh aa alag
na hawa hai ajh alag
alag hai ik shakhash mere ton ajh
mere pyar ne kita jihnu alag
ਨਾ ਰਾਤ ਇਹ ਆ ਅਲੱਗ
ਨਾ ਹਵਾ ਹੈ ਅੱਜ ਅਲੱਗ
ਅਲਗ ਹੈ ਇਕ ਸਖ਼ਸ਼ ਮੇਰੇ ਤੋਂ ਅੱਜ
ਮੇਰੇ ਪਿਆਰ ਨੇ ਕੀਤਾ ਜਿਹਨੂੰ ਅਲੱਗ
“फिर आज युंहिं मौसम बदला, चहकती
देखो हर एक डाल है..
मद्धम सी बरसात हुई, छिल गई कई पेड़ों की छाल है..
हर पत्ते हर डाली ने पूछा, क्या दर्द हुआ? क्या तेरा हाल है..
कहा हुआ हूं, नया मैं फिर से, क्या जानो तुम कुदरत कमाल है..
मुझको ताकत दी है इतनी, शक्ति मेरी बेमिसाल है..
हर जीव में सांसें भरता हूं, सब करते मेरा इस्तेमाल है..
काटेंगे मुझे तो भुगतेंगे, कुदरत का कहर सबसे विशाल है..
बे-मौसम जो मौसम बदल रहे हैं, जवाब पता है, फिर भी सवाल है..”
“अक्सर हमें प्यार होने के बाद ही उस शख्स की यादें सताती है.
प्यार न हो तो वो कितना ही प्यारा क्यों न हो वो हमें कभी याद नही आता..”!