निखर जाती हैं मेरी मोहब्बत,
तेरी आजमाइश के बाद,
सवरता जा रहा है ये इश्क,
तेरी हर फरमाइश के बाद..
Enjoy Every Movement of life!
निखर जाती हैं मेरी मोहब्बत,
तेरी आजमाइश के बाद,
सवरता जा रहा है ये इश्क,
तेरी हर फरमाइश के बाद..
सारा शहर लिख दिया इक काग़ज़ में,
जिसे भी पढ़ता गया उसे मिटाता गया,
अक्स मिला भी तो खाली पैमानें में, बस
खुदको पढ़ता गया खुदको पिलाता गया....
Har roj talashti hu khud ko
Hu shayad mein bhi yahi kahi
Milu gum shayad kisi khayal mein
Khojti hu khud ko khud hi ke swaal mein 🥀
हर रोज तलाशती हू खुद को ,
हू शायद मैं भी यहीं कहीं,
मिलु गुम शायद किसी ख्याल में,
खोजती हु खुद को खुदी के सवाल में,🥀