मेरी तकलीफ़ किसने जानी,
वो अपने में मगरूर था,
दर्द ना दिखा उसे मेरा,
वो दूसरों में खोया था।
मेरी तकलीफ़ किसने जानी,
वो अपने में मगरूर था,
दर्द ना दिखा उसे मेरा,
वो दूसरों में खोया था।
Veer hunde Sher di dahaad warge
‘Bhen’ ghar vich thandi thandi chhaa hundi ae,
‘Bapu’ hunda kol rakhe hathyar warga ,
Roop rabb Da yaaro har ‘maa’ hundi ae.❤️🧿
ਵੀਰ’ ਹੁੰਦੇ ਸ਼ੇਰ ਦੀ ਦਹਾੜ ਵਰਗੇ,
‘ਭੈਣ’ ਘਰ ਵਿੱਚ ਠੰਡੀ ਠੰਡੀ ਛਾਂ ਹੁੰਦੀ ਏ,
‘ਬਾਪੂ’ ਹੁੰਦਾ ਕੋਲ ਰੱਖੇ ਹਥਿਆਰ ਵਰਗਾ,
ਰੂਪ ਰੱਬ ਦਾ ਯਾਰੋ ਹਰ ‘ਮਾਂ’ ਹੁੰਦੀ ਏ.❤️🧿
हमने डूबते सूरज की एक शाम को अपना किरदार बदल डाला,
के उस मोहब्बत की चुभन को शायरी का नजमा दे डाला,
लोग मेरी तकरीरों पर वाह वाही दे रहे थे,
भीड़ में कुछ लोग ताली बजाकर, तो कुछ लोग अपनी नाकाम मोहब्बत की दलील दे रहे थे।
महफिल के शोर से एक जानी पहचानी सी आवाज आई,
तू आज भी आगे नहीं बढ़ा की उसने गुहार लगाई,
उसकी इस शिकायत में परवान था पुराने यारो का ।
मै हैरान था कौन था यह शक्स
अनजानों की भीड़ में जिसने मेरे शब्दो में छुपी नाकाम मोहब्बत को पहचाना था,
मुस्कुराता हुआ सामने आया तब समझ आया अरे यह तो यार पुराना था।