मेरी तकलीफ़ किसने जानी,
वो अपने में मगरूर था,
दर्द ना दिखा उसे मेरा,
वो दूसरों में खोया था।
मेरी तकलीफ़ किसने जानी,
वो अपने में मगरूर था,
दर्द ना दिखा उसे मेरा,
वो दूसरों में खोया था।
ये जमीं करती नमन
आसमां करता नमन
जिस मकां में जन्म बीता
वो मकां करता नमन
श्वेत कपड़े में लिपटकर शान से जो आ रहा है
पीछे उसके भ्रमर कोई मधुर धुन में गा रहा है
देख उस सपूत को ये जहां करता नमन
ये जमीं करती नमन
आसमां करता नमन
उसने दुश्मन के आगे शान से सीना किया है
लौट आया वो धुरंधर उन्हे(दुश्मन) बदहाल जीना किया है
उनकी रूहें इस जमीं से आसमां पर जाएंगी
उनको देख ये खुदा गर्व से करता नमन
ये जमीं करती नमन
आसमां करता नमन
शहीद(सैनिक)
कदर कर लो उनकी जो तुमसे,
बिना मतलब की चाहत करते है,
दुनिया मे ख्याल रखने वाले कम,
और तकलीफ देने वाले ज्यादा होते है! ✍ ?
Kadar kar lo unki jo tumse,
Bina matlab ki chahat karate hai,
Duniya mein khyaal rakhane wale kam,
Aur taklif dene wale jyada hote hai! ✍ ?