मेरी तकलीफ़ किसने जानी,
वो अपने में मगरूर था,
दर्द ना दिखा उसे मेरा,
वो दूसरों में खोया था।
Enjoy Every Movement of life!
मेरी तकलीफ़ किसने जानी,
वो अपने में मगरूर था,
दर्द ना दिखा उसे मेरा,
वो दूसरों में खोया था।
ज़मीर ज़िंदा रख कबीर जिंदा रखसुल्तान भी बन जाए तो दिल में फ़क़ीर ज़िंदा रखहार जा चाहे जिंदगी में सब कुछमगर फिर से जीतने की उम्मीद जिंदा रख
Kanha ji ki murat pyari,
Mohe sabka mann,
Dil me basaya h shri krishna ko,
Vo jaane sav k rang… ❤