मेरी तकलीफ़ किसने जानी,
वो अपने में मगरूर था,
दर्द ना दिखा उसे मेरा,
वो दूसरों में खोया था।
Enjoy Every Movement of life!
मेरी तकलीफ़ किसने जानी,
वो अपने में मगरूर था,
दर्द ना दिखा उसे मेरा,
वो दूसरों में खोया था।
नज़र भी तलाशे किसी डगर पर खड़ा, कोई हमसफ़र काश मुझे मिल जाए..
जिसके साथ शुरू मैं करलूँ आखिर, नया जिदगी का कोई सफर मिल जाए..
कहीं अटकूं जो गर किसी राह पर, हाथों से हाथ इस कदर मिल जाए..
हमें भी हमारी जिंदगी में कोई ऐसा, निगेबान हमकदर मिल जाए..
Chahat ban gye ho tum,
Ke aadat ban gye ho tum,🙈
Har saans mein yun aate jate ho
Jaise meri ibadat ban gye ho tum😇
चाहत बन गए हो तुम,
कि आदत बन गए हो तुम,🙈
हर सांस में यूं आते जाते हो
जैसे मेरी इबादत बन गए हो तुम।😇