मेरी तकलीफ़ किसने जानी,
वो अपने में मगरूर था,
दर्द ना दिखा उसे मेरा,
वो दूसरों में खोया था।
Enjoy Every Movement of life!
मेरी तकलीफ़ किसने जानी,
वो अपने में मगरूर था,
दर्द ना दिखा उसे मेरा,
वो दूसरों में खोया था।
तुम हमसे इश्क की बाते करते हो
तुम्हे कितना ही पता हैं ईश्क का
नशा जिस्म और बदसलूकी
तुम्हे इतना ही पता हैं ईश्क का
