मेरी तकलीफ़ किसने जानी,
वो अपने में मगरूर था,
दर्द ना दिखा उसे मेरा,
वो दूसरों में खोया था।
मेरी तकलीफ़ किसने जानी,
वो अपने में मगरूर था,
दर्द ना दिखा उसे मेरा,
वो दूसरों में खोया था।
Dass sajjna e kese pyar hoye
Kade khwaab tu sade Na bunda e..!!
Na apne dil di kehnda e
Na sade dil di sunda e..!!
ਦੱਸ ਸੱਜਣਾ ਏ ਕੈਸੇ ਪਿਆਰ ਹੋਏ
ਕਦੇ ਖ਼ੁਆਬ ਤੂੰ ਸਾਡੇ ਨਾ ਬੁਣਦਾ ਏ..!!
ਨਾ ਆਪਣੇ ਦਿਲ ਦੀ ਕਹਿੰਦਾ ਏ
ਨਾ ਸਾਡੇ ਦਿਲ ਦੀ ਸੁਣਦਾ ਏ..!!
उसके चेहरे में कई राज छुपे हैं, घबराती है बताने से..
कभी बेखौफ करे इजहार कभी, डरे जज्बात जताने से..
कभी आँखों से हटने नहीं देती, कभी फ़र्क नी पड़ता जाने से..
कभी मारने पर हंस पडती है, कभी रोये हाथ लगाने से..
कभी-कभी वो बाज नहीं आती, बेमतलब प्यार लुटाने से..
कभी लगे ना जाने कैसा प्यार है, भर देती दिल वो ताने से..
कभी-कभी वो घबरा जाती है, मुझे अपने पास बुलाने से..
कभी-कभी नहीं थकती वो अपनी, पलकों पे मुझे झूलाने से..
कभी दूर मुझसे है हो जाती, अचानक किसी के आने से..
कभी लड़ पड़ती मेरा हाथ पकड़ कर, मेरे लिए वो भरे जमाने से..
कभी परेशान हो जाता उसके, बेमतलब के शर्माने से..
कभी मुश्किल में फंस जाता हूं, परदा भी उसे कराने से..
अब तो मुझे भी डर है उसके, अचानक ही मुस्कुराने से..
क्या सबकी जिंदगी में है कोई ऐसा, या मेरी ही अलग है जमाने से..