मेरी तकलीफ😢 शायद उस दिन आप समझ पाए🙄
जब आपको आप ही के जैसा कोई मिल जाए😌
शिकायत करते हैं वो के हम बदल गए हैं
अब कैसे बताए उन्हे कि आप ही के रंग में ढल गए हैं🤫
मेरी तकलीफ😢 शायद उस दिन आप समझ पाए🙄
जब आपको आप ही के जैसा कोई मिल जाए😌
शिकायत करते हैं वो के हम बदल गए हैं
अब कैसे बताए उन्हे कि आप ही के रंग में ढल गए हैं🤫
Ardaas digge hoye nu Sahara dindi hai
Ardass musibat vich ghire hoye nu bandkhlasi dindi hai
Ardaas aneka janma de kite hoye paap nu vi saadh dindi hai
Birthi kade Na howayi Jan ki ardaas🙏
ਅਰਦਾਸ ਡਿੱਗੇ ਹੋਏ ਨੂੰ ਸਹਾਰਾ ਦੇ ਦਿੰਦੀ ਹੈ*
ਅਰਦਾਸ ਮੁਸੀਬਤ ਵਿੱਚ ਘਿਰੇ ਹੋਏ ਨੂੰ ਬੰਦਖਲਾਸੀ ਦੇ ਦਿੰਦੀ ਹੈ
ਅਰਦਾਸ ਅਨੇਕਾਂ ਜਨਮਾਂ ਦੇ ਕੀਤੇ ਹੋਏ ਪਾਪ ਨੂੰ ਵੀ ਸਾੜ ਦੇੰਦੀ ਹੈ
ਬਿਰਥੀ ਕਦੇ ਨ ਹੋਵਈ ਜਨ ਕੀ ਅਰਦਾਸਿ।।🙏
याद है ना तुम्हें..
पहली दफा,
जब कलम मेरी बोली थी
तुम पर शब्दों की कुछ लड़ियां
मैंने पिरोई थी।
तुम्हारे गुजरे पलों में बेशक मैं नहीं थी
तुम्हारे संग भविष्य की अपेक्षा भी नहीं थी
हां,वर्तमान के कुछ चंद क्षण
साझा करने की ख्वाहिश जरुर थी।
याद है ना तुम्हें..
पहली दफा,
जब कलम मेरी बोली थी
तुम पर शब्दों की कुछ लड़ियां
मैंने पिरोई थी।
देखो, आज फिर उंगलियों ने मेरी
कलम उठाई है
कुछ अनसुनी भावनाओं को संग अपने
समेट लाई है
माना ,मेरे शब्दों ने आहत किया तुम्हें
लेकिन क्या,असल भाव को पहचाना तुमने?
याद है ना तुम्हें..
पहली दफा,
जब कलम मेरी बोली थी
तुम पर शब्दों की कुछ लड़ियां
मैंने पिरोई थी।
उलझ गए तुम निरर्थक शब्दों में
पढ़ा नहीं जो लिखा है कोमल हृदय में
चल दिए छोड़ उसे, तुम अपनी अना में
बंधे थे हम तुम, जिस अनदेखे रिश्ते की डोर में
याद है ना तुम्हें..
पहली दफा,
जब कलम मेरी बोली थी
तुम पर शब्दों की कुछ लड़ियां
मैंने पिरोई थी।
बीत गए कई बारिश के मौसम
क्या धुले नहीं, जमे धूल मन के?
है अर्जी मेरी चले आओ तुम
मेरे भीतर के तम को रोशनी दिखाओ तुम..
याद है ना तुम्हें..
पहली दफा,
जब कलम मेरी बोली थी
तुम पर शब्दों की कुछ लड़ियां
मैंने पिरोई थी।