Enjoy Every Movement of life!
बोहोत बोलती हुं में मगर मुझे बात करने का तरीका नहीं आता
देखती हुं आइना रोज में खुद को मगर मुझे संवारना नही आता
रोता देख किसी को रो देती हुं मैं भी मुझे रोते को हंसाने का हुनर नही आता
तन्हा भी बड़ी शान से रहती हु में मुझे काफिलों में खुद को शुमार करना नही आता
में सर्द लहजों में ही बोलती हुं तल्ख बातें मुझे तल्ख लहजों से दिलों का तोड़ना नहीं आता
ओर में जो हुं वही नजर आती हु मुझे किरदार बदल बदल कर मिलना नही आता।🙌💯
Rang nave hun khid gye ne taar dila de chid gye ne🤝
ਰੰਗ ਨਵੇਂ ਹੁਣ ਖਿੜ ਗਏ ਨੇ ਤਾਰ ਦਿਲਾਂ ਦੇ ਛਿੜ ਗਏ ਨੇ🤝
