Subaah de mithe jaroor aa
par mitha ban ke kise nu thagg de nahi
ਸੁਭਾਅ ਦੇ ਮਿੱਠੇ ਜ਼ਰੂਰ ਆ;
ਪਰ ਮਿੱਠਾ ਬਣ ਕੇ ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਠੱਗ ਦੇ ਨਹੀ 😶..
Subaah de mithe jaroor aa
par mitha ban ke kise nu thagg de nahi
ਸੁਭਾਅ ਦੇ ਮਿੱਠੇ ਜ਼ਰੂਰ ਆ;
ਪਰ ਮਿੱਠਾ ਬਣ ਕੇ ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਠੱਗ ਦੇ ਨਹੀ 😶..
ये किसने जेल में लाया खाना हाय अल्लाह,
मुजरिम का भी है कोई दीवाना हाय अल्लाह।
ये मज्मा भी मेरे रोने पे बजाता है ताली,
किसको सुनाएं अपना अफ़साना हाय अल्लाह।
अब क्या कि जुर्म किसने की है क़ुसुर है किसका,
अब तो लगा है मुझपर जुर्माना हाय अल्लाह।
मेरी नज़र क्या उस पे है सबकी नज़र मुझ पे है,
पूरा शहर है उसका दीवाना हाय अल्लाह।
वो मुझसे मिलता है रोज़ाना मगर नतीजा ये,
देखो तो लगता है वो बेगाना हाय अल्लाह।
जब भी किसी ने पूछा है धोखा कब मिला फिर तो,
बचपन का याद आए याराना हाय अल्लाह।
शिकवा नहीं है उससे बस दुख ‘अमीम’ इतना है,
क्यों मेरा लौट आया नज़राना हाय अल्लाह
Is baat ki hai tumhein takleef
Hum zouq-e-sukhan rakhte hain
Humein to naaz hai taweel
Guftagoo ko hum do misron mein byan karte hain
اس بات کی ہے تمھیں تکلیف ہم ذوقِ سخن رکھتے ہیں
ہمیں تو ناز ہے طویل گفتگو کو ہم دو مصرعوں میں بیاں کرتے ہیں