Subaah de mithe jaroor aa
par mitha ban ke kise nu thagg de nahi
ਸੁਭਾਅ ਦੇ ਮਿੱਠੇ ਜ਼ਰੂਰ ਆ;
ਪਰ ਮਿੱਠਾ ਬਣ ਕੇ ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਠੱਗ ਦੇ ਨਹੀ 😶..
Subaah de mithe jaroor aa
par mitha ban ke kise nu thagg de nahi
ਸੁਭਾਅ ਦੇ ਮਿੱਠੇ ਜ਼ਰੂਰ ਆ;
ਪਰ ਮਿੱਠਾ ਬਣ ਕੇ ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਠੱਗ ਦੇ ਨਹੀ 😶..
स्त्री हूं मैं मेरा कहां सम्मान होता है
मेरे कपड़ों से मेरा चरित्र भाप लिया जाता है।
अगर जींस या वेस्टर्न ड्रेस पहन लूं मैं
तो मैं बिगड़ी हुई मान ली जाती हूं।
अगर मैं साड़ी भी पहनूं तो भी
उसमे भी खोट नजर आती है।
मेरी साड़ी में भी कमिया ही नजर आती है।
यहां तो एक औरत भी औरत का सम्मान नही करती
एक औरत को दूसरी औरत में भी खोट नजर आती है।
मेरे कपड़ों में कोई कमी नहीं कमी तुम्हारी नज़र में है
मैं कुछ भी पहन लूं तुम्हे कमी नजर आनी ही है।
Zindagi de panneya nu dhiyan naal padh ke samjhi..
Kahli vich padh ke aksar nasamjhiyan hundiya ne..
ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਦੇ ਪੰਨਿਆਂ ਨੂੰ ਧਿਆਨ ਨਾਲ ਪੜ੍ਹ ਕੇ ਸਮਝੀ..
ਕਾਹਲੀ ਵਿਚ ਪੜ੍ਹ ਕੇ ਅਕਸਰ ਨਾਸਮਝੀਆਂ ਹੁੰਦੀਆਂ ਨੇ