mohabbat bhee hotee hai to zarurat ke pesh-e-nazar,
ab ek nazar mein lut jaane ka zamaana nahin raha…
मोहब्बत भी होती है तो ज़रुरत के पेश-ए-नज़र,
अब एक नज़र में लुट जाने का ज़माना नहीं रहा…
mohabbat bhee hotee hai to zarurat ke pesh-e-nazar,
ab ek nazar mein lut jaane ka zamaana nahin raha…
मोहब्बत भी होती है तो ज़रुरत के पेश-ए-नज़र,
अब एक नज़र में लुट जाने का ज़माना नहीं रहा…
Kabhi haqeeqat ka aisa saaeya padhta hai
jo parshaai ki tarah hamaare saath rehta hai
कभी हकिकत का ऐसा साया पड़ता है।
जो परछाई की तरह हमारे साथ रहता है।
1 किसानों की किस्मत में पड़े हैं लाले,
ऊपर से सरकार के खेल बड़े ही निराले,
उन्हें कृषि मंत्री बनाया गया है जिनकी
सात पुश्तों ने भी खेत में पैर नहीं डाले।
2 सरकार ने किया था वादा,
किसानों की आय दूनी हो जाएगी,
क्या पता था महंगाई इतनी बढ़ेगी
कि उनकी जेब सूनी हो जाएगी।