mohabbat bhee hotee hai to zarurat ke pesh-e-nazar,
ab ek nazar mein lut jaane ka zamaana nahin raha…
मोहब्बत भी होती है तो ज़रुरत के पेश-ए-नज़र,
अब एक नज़र में लुट जाने का ज़माना नहीं रहा…
mohabbat bhee hotee hai to zarurat ke pesh-e-nazar,
ab ek nazar mein lut jaane ka zamaana nahin raha…
मोहब्बत भी होती है तो ज़रुरत के पेश-ए-नज़र,
अब एक नज़र में लुट जाने का ज़माना नहीं रहा…
Kat rahi hai zindagi kuch ese
Titli ka jism jaise daba ho kitab mein… 💔💯
कट रही है ज़िन्दगी कुछ ऐसे…
तितली का जिस्म जैसे दबा हो किताब में….💔💯
रात को रात, सुबह को सुबह लिखते हो
अच्छे को अच्छा बुरे को,बुरा लिखते हो
तुम्हें तो आदत है,दर्द को दर्द लिखने की
मतलब हम से बिल्कुल,जुदा लिखते हो
खुदा को तो, कभी लिखा ही नहीं तुमने
पत्थर को बना के मूरत,खुदा लिखते हो
तुम तो दुश्मनी में भी, करते हो व्यापार
बनकर हक़िम,ज़हर की दवा लिखते हो
बो तो लिख देता है,बेवफ़ाई को मज़बूरी
भैरव क्यूं बेवफ़ा को, बेवफ़ा लिखते हो