mohabbat bhee hotee hai to zarurat ke pesh-e-nazar,
ab ek nazar mein lut jaane ka zamaana nahin raha…
मोहब्बत भी होती है तो ज़रुरत के पेश-ए-नज़र,
अब एक नज़र में लुट जाने का ज़माना नहीं रहा…
Enjoy Every Movement of life!
mohabbat bhee hotee hai to zarurat ke pesh-e-nazar,
ab ek nazar mein lut jaane ka zamaana nahin raha…
मोहब्बत भी होती है तो ज़रुरत के पेश-ए-नज़र,
अब एक नज़र में लुट जाने का ज़माना नहीं रहा…
इक इश्तहार छपा है अखबार में,
खुली सांसे भी बिकने लगी बाज़ार में,
रूह भी निचोड़ ली उसकी,
काट दी ज़बान बेगुनाह की,
मसला कुछ ज़रूरी नहीं,
बस थोड़ी बहस चलती है सरकार में...
हर वक़्त तू ख़ता है तू मेरा है
रात को अंधेरे में रहता सुबह उठा जैसे एक सवेरा है
मत कर अब यू दग़ाबाज़ी , मुझे सब बातों का पता है
हेम अपना बताकर गैरो से बाटीं करना ये कॉन्सी ख़ता है
मत कर ये ढोंग अब मुझे सब बातों का पता है
~shobhit