Ab mohabbat hai ya nafrat isse mat jataya Karo Baat ko Karo khatam, Jo Dil mae hai Usse zuban pe laya karo
अब मोहब्बत है या नफ़रत इससे मत जताया करो
बात को करो ख़तम, जो दिल में है उससे ज़ुबान पे लाया करो
Ab mohabbat hai ya nafrat isse mat jataya Karo Baat ko Karo khatam, Jo Dil mae hai Usse zuban pe laya karo
अब मोहब्बत है या नफ़रत इससे मत जताया करो
बात को करो ख़तम, जो दिल में है उससे ज़ुबान पे लाया करो
कहां था ना बदल जाओगे, इस वक़्त की तरह
मगर ईतना तो, यह वक़्त भी नहीं बदला
जीतना तुम बदल गए।
हर जंग ज़िंदगी की हमने खुद को मिटाकर लड़ी है,
हर बार हार को हँस कर गले लगाया है,
कभी परायों ने ज़ख़्म दिए, कभी अपनों ने रुलाया है,
क्या बताएँ आपको — हमने इस सफर में खुद को कितना खोया है।