ਮਹੋਬਤ ਕਿਵੇਂ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
ਇਹ ਮੈਨੂੰ ਨਹੀਂ ਪਤਾ, ਮੈਂ ਤਾਂ
ਪੂਰੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਸਿਰਫ ਇਕ ਯਾਦ ਵਿੱਚ ਫਨਾਹ ਕਰਨੀ ਹੈ
ਏਹੀ ਮੇਰੇ ਦਿਲ ਦੀ ਸਜ਼ਾ
muhobat kiven kitti jandi hai
eh mainunahi pata, main tan
puri zindagi sirf ik yaad vich fanah karni hai
ehi mere dil di sajja
ਮਹੋਬਤ ਕਿਵੇਂ ਕੀਤੀ ਜਾਂਦੀ ਹੈ
ਇਹ ਮੈਨੂੰ ਨਹੀਂ ਪਤਾ, ਮੈਂ ਤਾਂ
ਪੂਰੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਸਿਰਫ ਇਕ ਯਾਦ ਵਿੱਚ ਫਨਾਹ ਕਰਨੀ ਹੈ
ਏਹੀ ਮੇਰੇ ਦਿਲ ਦੀ ਸਜ਼ਾ
muhobat kiven kitti jandi hai
eh mainunahi pata, main tan
puri zindagi sirf ik yaad vich fanah karni hai
ehi mere dil di sajja
वक़्त होकर भी मुझे वक़्त ना देना, तेरी आदत सी हो गई है.. मगर तेरे वक़्त का इंतज़ार करना, मेरी इबादत सी हो गई है.. सेहमे हुए होठों से ये पूछने को दिल तो करता है.... क्या तेरे प्यार की इस जंग में मेरी, शहादत सी हो गई है..
दिवाली पर पापा को बोनस मिलता था तनख्वाह थोड़ी ज्यादा आती थी सबको मालूम था दिवाली पर भी नए कपड़े लेने के लिए पैसे गिनकर मिलते थे कोई अगर बीमार हो जाए तो वो नए कपड़े भी कैंसल हो जाते थे। बचपन से ही एडजस्ट करने की आदत लग जाती है ये आदत अच्छी हो होती है पर कभी कभी बुरी भी होती है। धीरे धीरे बड़े हुए तो पता था मम्मी पापा को कुछ बनकर दिखाना है ये ख्वाब साथ लेकर चला पर बाहर निकले घर से तो ये पता चला कि जो मेरा ख्वाब है वही सबका भी ख्वाब था सबको अपनी जिंदगी में मेरी तरह ही कुछ करना था। जैसे तैसे एक नौकरी लगी वो भी मेरी पसंद की नही थी पर पापा का हाथ बंटाने के लिए भी तो कुछ करना था अपने दिल को समझकर वो नौकरी कर ली मुझे नौकरी लगी ये सुनकर मम्मी पापा दोनो खुश हो जाए पापा की आखों से तो आंसू ही आ गए आंखो से निकलते आंसू भी उस दिन मुझसे बात कर रहे थे मानो वो ये कह रहे थे की अब मेरे कंधो का थोड़ा बोझ कम हुआ मेरे साथ कोई कमाने वाला आ गया। उस दिन से मैंने वो नौकरी ज्वाइन कर ली और उसकी भी आदत सी पड़ गई।