❤💕Tum Ek Baar Mujhse Mujh Jaisi Mohobbat Karake To Dekhon Yaar❤💕
❤💕Pyaar Ummeed Se Kam Ho To Saja-E-Maut De Dena❤💕
❤💕तुम एक बार मुझसे मुझ जैसी मोहोब्बत करके तो देखो यार❤💕
❤💕प्यार उम्मीद से कम हो तो सजा-ए-मौत दे देना❤💕
❤💕Tum Ek Baar Mujhse Mujh Jaisi Mohobbat Karake To Dekhon Yaar❤💕
❤💕Pyaar Ummeed Se Kam Ho To Saja-E-Maut De Dena❤💕
❤💕तुम एक बार मुझसे मुझ जैसी मोहोब्बत करके तो देखो यार❤💕
❤💕प्यार उम्मीद से कम हो तो सजा-ए-मौत दे देना❤💕
Mein akhan band kar takkna chaheya
Roshni hoyi taan dikheya Nanak..!!
Mein suas suas ohnu yaad kra
Mere sahaan utte likheya nanak..!!
ਮੈਂ ਅੱਖਾਂ ਬੰਦ ਕਰ ਤੱਕਣਾ ਚਾਹਿਆ
ਰੌਸ਼ਨੀ ਹੋਈ ਤਾਂ ਦਿਖਿਆ ਨਾਨਕ..!!
ਮੈਂ ਸੁਆਸ ਸੁਆਸ ਉਹਨੂੰ ਯਾਦ ਕਰਾਂ
ਮੇਰੇ ਸਾਹਾਂ ਉੱਤੇ ਲਿਖਿਆ ਨਾਨਕ..!!
देशभक्ति कविताएं
1.
हिन्दुस्थान
मुल्क है अपना।
विश्व दरबार में
वो एक सपना।
आसमान में उड़ती
मन की आशा।
लहरों में मचलती
दिल की परिभाषा।
वायु में घूमती
आज़ादी की साँस।
मिटटी में रहती
बलिदान की अहसास।
मेरा देशवासियों
अपना भाई और बहन की समान।
एक आंख में हिन्दू,
दूसरे में मुस्लमान।
प्यार का बंधन
आंधी में भी न टूटा।
हम सब एक है,
फर्क झूठा।
2.
केदार देख के
लगता है
जीते रहु तूफान में
अंतिम समय तक।
गंगा देख के
लगता है
बहते रहु बंधन में
अंतिम साँस तक।
खेत की हरियाली देख के
लगता है
युवा रहु उम्र में
अंतिम यात्रा तक।
थार देख के
लगता है
उड़ते रहु आंधी में
अंतिम कड़ी तक।
हिन्द महासागर देख के
लगता है
घूमते रहु घूर्णी में
अंतिम सूर्यास्त तक।
भारत माता को देख के
लगता है
खिलते रहु उनकी गोद में
अंतिम संस्कार तक।