❤💕Tum Ek Baar Mujhse Mujh Jaisi Mohobbat Karake To Dekhon Yaar❤💕
❤💕Pyaar Ummeed Se Kam Ho To Saja-E-Maut De Dena❤💕
❤💕तुम एक बार मुझसे मुझ जैसी मोहोब्बत करके तो देखो यार❤💕
❤💕प्यार उम्मीद से कम हो तो सजा-ए-मौत दे देना❤💕
❤💕Tum Ek Baar Mujhse Mujh Jaisi Mohobbat Karake To Dekhon Yaar❤💕
❤💕Pyaar Ummeed Se Kam Ho To Saja-E-Maut De Dena❤💕
❤💕तुम एक बार मुझसे मुझ जैसी मोहोब्बत करके तो देखो यार❤💕
❤💕प्यार उम्मीद से कम हो तो सजा-ए-मौत दे देना❤💕
Malko khush reha kro,
Tuhanu khush dekh k hi kayi jeeyonde aw ,
अकबर बादशाह को मजाक करने की आदत थी। एक दिन उन्होंने नगर के सेठों से कहा-
“आज से तुम लोगों को पहरेदारी करनी पड़ेगी।”
सुनकर सेठ घबरा गए और बीरबल के पास पहुँचकर अपनी फरियाद रखी।
बीरबल ने उन्हें हिम्मत बँधायी,
“तुम सब अपनी पगड़ियों को पैर में और पायजामों को सिर पर लपेटकर रात्रि के समय में नगर में चिल्ला-चिल्लाकर कहते फिरो, अब तो आन पड़ी है।”
उधर बादशाह भी भेष बदलकर नगर में गश्त लगाने निकले। सेठों का यह निराला स्वांग देखकर बादशाह पहले तो हँसे, फिर बोले-“यह सब क्या है ?”
सेठों के मुखिया ने कहा-
“जहाँपनाह, हम सेठ जन्म से गुड़ और तेल बेचने का काम सीखकर आए हैं, भला पहरेदीर क्या कर पाएँगे, अगर इतना ही जानते होते तो लोग हमें बनिया कहकर क्यों पुकारते?”
बादशाह अकबर बीरबल की चाल समझ गए और अपना हुक्म वापस ले लिया।