Mein alag khayalan di kudi
Mohobbat naal lai ke challa..!!
Kaha ohnu rabb te tu ikk hoye
Ohnu jhuth laggan meriyan gallan..!!
ਮੈਂ ਅਲੱਗ ਖ਼ਿਆਲਾਂ ਦੀ ਕੁੜੀ
ਮੋਹੁੱਬਤ ਨਾਲ ਲੈ ਕੇ ਚੱਲਾਂ..!!
ਕਹਾਂ ਉਹਨੂੰ ਰੱਬ ਤੇ ਤੂੰ ਇੱਕ ਹੋਏ
ਉਹਨੂੰ ਝੂਠ ਲੱਗਣ ਮੇਰੀਆਂ ਗੱਲਾਂ..!!
Mein alag khayalan di kudi
Mohobbat naal lai ke challa..!!
Kaha ohnu rabb te tu ikk hoye
Ohnu jhuth laggan meriyan gallan..!!
ਮੈਂ ਅਲੱਗ ਖ਼ਿਆਲਾਂ ਦੀ ਕੁੜੀ
ਮੋਹੁੱਬਤ ਨਾਲ ਲੈ ਕੇ ਚੱਲਾਂ..!!
ਕਹਾਂ ਉਹਨੂੰ ਰੱਬ ਤੇ ਤੂੰ ਇੱਕ ਹੋਏ
ਉਹਨੂੰ ਝੂਠ ਲੱਗਣ ਮੇਰੀਆਂ ਗੱਲਾਂ..!!
ਕਿਸੇ ਦੀ ਲੋੜ ਨੀ ਮੈਨੂੰ
ਏਨਾ ਜਾਣ ਲਿਆ ਮੈਂ ਤੈਨੂੰ
ਜਦੋਂ ਤੱਕ ਰੂਹ ਜਿਸਮ ਵਿੱਚ ਹੈ
ਉਦੋਂ ਤੱਕ ਯਾਦ ਤੇਰੀ ਆ
kisse di lodh ni mainu
enna jaan liya me tainu
jadon tak rooh jism vich hai
udon tak yaad teri hai
मेरे प्यार की तपिश के आगे यह सूरज भी ठंडा है,
मेरे आंसुओ का मुकाबला यह बरसात क्या करेगी ।
तुझे पाने की चाहत में, हम सब कुछ खोते चले गए,
मगर फिर भी ऐ मेरे हमनशी, तुम दुर होते चले गए,
अब इससे ज्यादा मेरे हाल को बेहाल क्या करेगी,
मेरे प्यार की तपिश के आगे यह सूरज भी ठंडा है,
मेरे आंसुओ का मुकाबला यह बरसात क्या करेगी ।
मिल गया था मैं तुझे बिन मांगे, तुम कदर भी मेरी क्या करते ,
तुम रूठते हम मना लेते, मगर बदल ही गए हम क्या करते,
मैं लेटू नींद ना आये मुझे, तु भी रात को तारे गिना करेगी,
मेरे प्यार की तपिश के आगे यह सूरज भी ठंडा है,
मेरे आंसुओ का मुकाबला यह बरसात क्या करेगी ।
मैने खूद को ना ऐसे चाहा कभी, जैसे तुझको चाहते चले गए,
मैने देखा खुद को खोते हुए, बस तेरे होते चले गए,
मैंं इतना दूर चला जाऊं, तु घूट घूट आंहे भरा करेगी,
मेरे प्यार की तपिश के आगे यह सूरज भी ठंडा है,
मेरे आंसुओ का मुकाबला यह बरसात क्या करेगी ।
मैने खुदा से ऐसे मांगा उसे, मैं जीता, किस्मत हार गई,
यह “रमन” की महोब्बत की कविता थी, कोई जिस्मो का व्यापार नहीं,
तेरे पीछे खुद को फ़ना कर दू, मेरे गीत भी दुनिया गाया करेगी,
मेरे प्यार की तपिश के आगे यह सूरज भी ठंडा है,
मेरे आंसुओ का मुकाबला यह बरसात क्या करेगी ।
Rami_